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बिल्वादि चूर्ण के फायदे । शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधी

बिल्वादि चूर्ण के फायदे :::   बिल्वादि चूर्ण के घटक द्रव्य :::   #बिल्वादि चूर्ण १.बेलगिरी, २.नागरमोथा, ३.छोटी इलायची, ४.श्वेत चंदन, ५.लाल चंदन, ६.अजवाइन, ७.अजमोदा, ८.निशोथ, ९. चित्रक छाल, १०. विडनमक , ११. अश्वगंधा , १२.खरेटी की जड़, १३.पिप्पली, १४. वंशलोचन , १५.शुद्ध शिलाजीत #बिल्वादि चूर्ण के फायदे bilvadi churan k fayde १.मस्तिष्क रोग, २.स्नायु संबधी रोग, ३.उदर रोग, ४.पेट के छाले या ग्रहणी रोग, #मात्रा ::: ३ से ६ ग्राम वैघकीय परामर्श द्धारा दूध छाछ या जल के साथ ० पंचनिम्ब चूर्ण ० निर्गुण्डी के फायदे ० गाजरघास का उन्मूलन कैसे करें ० गिलोय के फायदे कैशोर गुग्गुल त्रयोदशांग गुग्गुल ० लक्ष्मीविलास रस नारदीय के फायदे

मुलेठी (mulethi) के अनसुने सेहत सुधारनें वाले उपयोग

*मुलेठी एक अनमोल औषधी* ☘☘☘☘☘☘☘☘☘☘☘ 🌷 दोस्तो नमस्कार, मुलेठी की जडे ज्यादातर उपयोग मे लि जाती है जिनको *मुलेठी, मुलहठी, यष्टीमधु, जेढीमध* के नामसे भी जानां जातां है मुलेठी के चमत्कारीक फायदे जानने के लिये लेख पुरां पढे़.  ☘ *कफ- खांसी,गले मे खराश*☘ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ⚛ १ चम्मच मुलेठी का चूरन १ चम्मच शहद मे मिक्स करके सुबह नास्ते के बाद लिजिये |  ☘ *दिल के रोगो मे* ☘ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ⚛ १-१ चम्मच सुबह शाम गुनगुने पानी से  नास्तेके बाद लेने से काफी राहत मिलती है |  ☘ *फोडे- फुन्सी*☘ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ⚛ शहद के साथ मुलेठी का चुरन को मिक्स करके लगाने से ढिक होते है |  ☘ *लिवर के रोग* ☘ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ⚛ १ चम्मच सुबह खाने के बाद लेने से लिवर के रोगो से बचा जा सकतां है |  ☘ *खून बढा़ये* ☘ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ⚛ आधा ग्राम सुबह लेने से खून मे व्रृद्धि होती है |  ☘ *जलजाने पर* ☘ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ⚛ मुलहठी आैर चंदन को समान लेकर गायके धी के साथ मिलाकर लैप करने से जलन दूर होती है |  ☘ *खिल- मुंहासे* ☘ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ⚛ मुलेठी + चंदन को मिक्स करके गुलाबजल के साथ मिक्स ...

स्पांडिलाइटिस क्या हैं स्पांडिलाइटिस के कितने प्रकार होतें हैं स्पांडिलाइटिस के लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

स्पाँन्डिलाइटिस क्या हैं::- स्पाँडिलाइटिस रीढ़ की हड्डी से सम्बंधित बीमारीं हैं,जिसमें vertebrae column के जोड़ में सूजन, तनाव, दर्द, होता हैं. कई  केसो में एक से अधिक vertebrae सम्मिलित होते हैं. प्रकार::- १.potts disease SPONDYLITIS ::- यह एक tuberculosis हैं. 2.Ankylosing SPONDYLITIS::-यह auto immune SPONDYLITIS हैं, जो रीढ़ की हड्डी और socroiliac जोंड़ों के बीच होता हैं. इसे  spondylarthritis भी कहतें हैं. एक सँयुक्त प्रकार का भी SPONDYLITIS होता हैं जो जिसमें intervertebra disc के बीच में सूजन आ जाता है. Symptoms::- १.गर्दन के आस पास तेज असहनीय दर्द जो लगातार बढ़ता रहता हैं. २.चक्कर ,आँखों के आगे अँधेरा छाना. ३.उल्टी होना. ४.सूजन का लगातार गर्दन,पीठ,lumber के आसपास बने रहना. उपचार::- आयुर्वैद चिकित्सा पद्धति में इस बीमारीं का वर्णन मुख्यत: वात रोगों के अन्तर्गत आता हैं.और वात व्याधि का पूर्णत:उन्मूलन भी आयुर्वैद चिकित्सा की विशेषता हैं.आईयें जानें उपचार १.सर्वप्रथम पंचकर्म  से शुरूआत करतें हैं ,इसके अन्तर्ग...