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Migraine: आधे सिर दर्द का सबसे अच्छा होम्योपैथिक उपचार

  आधे सिर दर्द की बीमारी भारत सहित दुनिया भर में रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने वाली बहुत बड़ी बीमारी है। आधे सिर दर्द से पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं अधिक प्रभावित रहती हैं।   तो आईए जानतें हैं आधे सिर दर्द के होम्योपैथिक उपचार के बारें में  1.होम्योपैथिक मेडिसिन सिमिसिफ्यूगा  सिमिसिफ्यूगा आधे सिर दर्द से संबंधित निम्न लक्षणों में बहुत अच्छा असर करती हैं 1.सिर की नसों में बहुत तेज दर्द जिसे Neuralgia भी कहते हैं। 2.मासिक चक्र की गड़बड़ी के कारण आधे सिर दर्द की बीमारी होना। 3.स्त्री के अंडाणु न बनने के कारण माहवारी की शुरुआत से पहले आधे सिर दर्द की बीमारी होना। 4.आंख के ऊपरी भाग में तेज दर्द जो आधे सिर दर्द के साथ होता हैं। 5.सिर दर्द के साथ सिर के ऊपरी भाग में तेज गर्माहट महसूस होना। 2. होम्योपैथिक मेडिसिन सैग्यूनेरिया  1.आधे सिर दर्द के साथ बुखार आ जाना। 2.आधे सिर दर्द के साथ ठंड लगना। 3.सिर दर्द के साथ नसों में खिंचाव पैदा होना। 4.आवाज के साथ सिर दर्द बढ़ता हैं। 5.तेज धूप या तेज रोशनी में निकलने पर अचानक आधे सिर में दर्द होना। 3.होम्योपैथिक मेडिसिन जे...

बच्चों में दांत निकलने की समस्या :होम्योपैथिक उपचार से होगी दूर

  बच्चों में दांत निकलने की समस्या से पूरा परिवार चिंतित हो जाता हैं और बच्चें को तकलीफ़ न हो इसके लिए तमाम जतन करता हैं। आज हम आपको बच्चों में दांत निकलते समय होने वाली शारीरिक समस्या के लिए होम्योपैथिक दवाओं के बारे में जानकारी देंगे 1. बायो कांबिनेशन नंबर 21 यह एक बायो काम्बिनेशन‌ हैं जिसमें वे सभी खनिज तत्व मौजूद रहते हैं जो बच्चों को दांत निकलते समय जरुरी होते हैं।  2.एकोनाइट  •बच्चों में दांत निकलते समय बुखार आना। •दांत निकलते समय ठंड लगना। • बच्चा बहुत अधिक रोता हो। • दांतों में दर्द हो रहा हो। उपरोक्त शारीरिक समस्या होने पर एकोनाइट बहुत अच्छा प्रभाव दिखाती हैं। 3.स्टैफिसेग्रिया • बच्चों में दांत निकलते समय बदन दर्द होना। • बदन दर्द के कारण कराहना। • बहुत अधिक बैचेनी होना। • बच्चा चिड़चिड़ा हो जाता हैं। 4.कोलोसिंथिस  • थोड़ी थोड़ी देर में रोना। • बहुत अधिक बैचेनी होना। • बहुत अधिक चिड़चिड़ापन होना। 5.कैल्केरिया कार्ब •सही आकार और सुंदर दांत आनें में मदद करने वाली होम्योपैथिक दवा। • बच्चों के दांत आसानी से निकलने में मदद करती हैं। 6.ब्रायोनिया • बच्चों को दांत ...

भारत में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की शुरुआत कब हुई थी

  प्रश्न 1.भारत में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की शुरुआत कब हुई थी ? उत्तर - भारत में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की शुरुआत का श्रेय एक फ्रांसीसी पर्यटक डॉ.जान मार्टिन हानिगबर्गर को जाता हैं। डॉ.जान मार्टिन सन् 1810 में भारत घूमने आए तो उन्होंने पंजाब के शासक महाराजा रणजीत सिंह के गले का इलाज होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से सफलता पूर्वक किया था। महाराजा रणजीत सिंह डॉ.जान मार्टिन हानिगबर्गर के होम्योपैथिक पद्धति से किए गए इलाज से बहुत प्रभावित हुए थें। उल्लेखनीय है कि डॉ.जान मार्टिन हानिगबर्गर होम्योपैथी के जनक डॉ.सेमुएल हैनीमैन के शिष्य थे । सन् 1810 के बाद होम्योपैथी का प्रचार प्रसार जारी रहा और बंगाल में यह चिकित्सा पद्धति से बहुत लोकप्रिय हो गई। प्रश्न 2.भारतीय होम्योपैथी का पिता Father of Indian homeopathy किसे कहा जाता हैं ? उत्तर 2. भारतीय होम्योपैथी का पिता Father of Indian homeopathy बाबू राजेंद्र लाल दत्त Babu Rajendra lal Dutta को कहा जाता हैं।  बाबू राजेंद्र लाल दत्त ने भारत में होम्योपैथी के प्रचार-प्रसार में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया इसीलिए उनकों भारतीय होम्योपैथी ...