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होली और हमारा स्वास्थ

 होली और हमारा स्वास्थ  हमारें प्राचीन ऋषी  मुनि वैज्ञानिक थें,यह अतिश्योक्ति नहीं हैं,बल्कि अनेक ऐसे पर्व हैं,जो उनकी इन बातों का समर्थन करतें हैं. रंग इन प्राचीन ऋषि मुनियों ने अनेक पर्व एँव त्योहारों के माध्यम से आमजनों को स्वस्थ एँव निरोगी रहनें का संदेश  दिया साथ ही इन पर्वों ,त्योहारों को धार्मिक जीवनशैली के साथ जोड़कर सदैंव अविस्मरणीय बनानें का प्रयत्न किया. होली भी एक ऐसा त्योहार हैं,जो स्वास्थ और प्रसन्नता को समर्पित हैं,होली पर्व holi parv   फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा से चैत्र कृष्ण पंचमी तक मनाया जाता हैं,चैत्र कृष्ण पंचमी को रंगपंचमी rangpanchami    भी कहा जाता हैं. भारतीय मोसमानुसार होली उस समय आती हैं,जब ठंड़ समाप्त होकर गर्मी शुरू होनें वाली होती हैं,यह संक्रामक मौसम हवा में पनपनें वाले हानिकारक  बेक्टेरिया और वायरस  को यकायक बढ़ानें वाला होता हैं,इस बात की पुष्टि scientist भी करतें हैं.  बाबा महाकाल के आंगन की होली होली के दिन पूर्णिमा होती हैं,इस दिन महिलायें,और पुरूष होली की पूजा holi ki puja कर इस...