दुनिया 11 जुलाई को प्रतिवर्ष " विश्व जनसँख्या दिवस " world population day मनाती हैं.वास्तव में यह तारीख विश्व के नागरिकों को मात्र यह याद दिलानें के लिये ही हैं,कि पिछले वर्ष के मुकाबलें इस वर्ष विश्व की जनसँख्या में कितना परिवर्तन हुआ.पिछले दो दशकों के दोरान विश्व की जनसँख्या में अत्यधिक तेजी परिलक्षित हुई, सन् 2000 में जहाँ हम 5 अरब थे. वही 2016 तक विश्व जनसँख्या 7.45 करोड़ हो गई.यही हाल भारत और दक्षिण एशिया के दूसरे विकासशील राष्ट्रों का हैं.आजादी के वक्त भारत ,बांग्लादेश,पाकिस्तान की सम्मिलित आबादी 33 करोड़ थी.आज अकेला भारत 1 अरब 30 करोड़ आबादी के साथ चीन के बाद दूसरा बड़ी आबादी वाला राष्ट्र हैं.जो विश्व के मात्र 2.4 भोगोलिक क्षेत्रफल में विश्व की 17.5 आबादी का निवास स्थल बना हुआ हैं. भीड़ भाड़ वाला रेलवे स्टेशन बढ़ती आबादी से बढ़ती चुनौतियाँ कृषि क्षेत्र में---- यदि वैश्विक खाद्य परिस्थितियों पर नज़र ड़ालें तो बढ़ती आबादी ने खाद्य सुरक्षा को गंभीर चुनोंती प्रस्तुत की हैं.जिस तरह से खेतों की ज़मीन पर कांक्रीट के जंगल खड़े हो ...
Healthy lifestyle सामाजिक,मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य उन्नत करते लेखों की श्रृंखला हैं