हाइपोसलाइवेशन यानि लार का कम बनना लार मनुष्य शरीर की कार्यपृणाली को सुचारू चलानें मे महत्वपूर्ण योगदान देती हैं.क्योंकि इसके माध्यम से अाहार का पाचन बड़ी सरलता से होता हैं.किन्तु यदि लार का बनना हमारें मुँह में कम हो जाता हैं,या लार ग्रन्थिया पर्याप्त मात्रा में लार का उत्पादन नही कर पाती हैं,तो इस अवस्था को हाइपोसलाइवेशन कहते है.इस बीमारी के कई लक्षण हैं,जैसे # हाइपोसलाइवेशन के लक्षण ::: १.मुँह का सुखना . २.बोलचाल में तकलीफ़ होना ३.खाने - पीनें ,निगलने में परेशानी होना. ४.मुँह में सक्रंमण होना. ५. बार - बार छाले होना. # हाइपोसलाइवेशन के कारण ::: १.लार ग्रन्थियों का अपर्याप्त विकास जिसकी वजह से छोटी उम्र से ही यह समस्या पैदा हो जाती हैं. २.लार ग्रन्थियों में होनें वाला कोई जीवाणुजनित संक्रमण जिससे लार बनना बंद हो जाती हैं. ३.कोई विशेष दवाईयों के प्रभाव की वजह से भी लार बनना बंद हो सकती हैं. ४.कोई बीमारी के प्रभाव से भी लार उत्पादन की प्रक्रिया बाधित होती हैं,जैसे गठिया रोग में अधिकांशत: देखा गया हैं. ५.बार - बार होनें वाला डिहाइड्रेशन ला...
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