गर्मीयों में लू [Heat stroke] से बचाव के तरीके लू से बचाव गर्मीयों की बात करतें ही कई लोगों को गांव के वो दादी नानी के आंगन यादों में उतर आतें हैं,क्या जमाना था हैं ना पूरी गर्मीयों की छुट्टी वही बितती थी.साथ में पूरी की पूरी हमउम्र के बच्चों की टीम हुआ करती थी,जिनमें मोसी के बच्चें, मामा के बच्चें, मामी के भाई के बच्चें और न जानें कितनें हमउम्र बच्चों का जमावड़ा नानी के ,दादी के आँगन में हुआ करता था. आपको यह भी याद होगा जब आप सब बच्चें भरी दोपहरी में चुपके - चुपके कच्ची केरी तोड़नें बागों में जाया करते थें,तो गर्म - गर्म हवा के थपेड़ों से कई बार बीमार भी पड़ें होंगें,तब दादी या नानी कहा करती थी,कि तुझे तो लू लगी हैं,चल उतार देती हूँ. तब नानी केसें चुट़की में बिना किसी डाँक्टर के आपकी लू उतार कर फिर से भला चंगा कर देती थी,हैं,ना. समय के साथ हमनें उन देशी तरीकों या दादी नानी के नुस्खों को विस्मृत कर दिया आईयें जानतें हैं,उन तरीकों के बारें में जो हमें लू से बचातें हैं. परन्तु इससे पहलें लू के बारें में जान लेतें हैं. लू क्यों लगती हैं ...
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