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टैकीकार्डिया Techycardia :: ह्रदय की असामान्य धड़कन

टैकीकार्डिया Techycardia : ह्रदय की असामान्य धड़कन  Techycardia टैकीकार्डिया Techycardia को समझने से पहले  हमारें ह्रदय की धड़कन hraday ki dhadkan की कार्यप्रणाली को समझना होगा। हमारा हृदय में  चार कक्ष होते हैं दो ऊपरी कक्ष जिन्हें आलय या आट्रिया कहते हैं तथा दो निचले कक्ष जिन्हें निलय या वेन्ट्रिकल  कहा जाता हैं। हमारे ह्रदय की धड़कन दाहिने आरट्रियल में स्थित साइनस नोड़ से बनती व नियंत्रित होती हैं।   साइनस नोड़ से निकलने वाली विधुत तरंगें सम्पूर्ण आट्रियम में जाती हैं जिसके कारण आट्रियम मांसपेशियां सिकुड़ती है और खून को ह्रदय के निचले कक्ष वेंट्रिकम में भेजती हैं।  इसी प्रकार विधुत तरंगें कोशिकाओं के समूह adioventricule ( AV Node) में आकर सिग्नल देती हैं। इस प्रक्रिया द्वारा ह्रदय की धड़कन नियंत्रित होती हैं। जब यह प्रक्रिया बाधित होती है तो ह्रदय की धड़कन असामान्य हो जाती हैं । जब ह्रदय की धड़कन बहुत ज्यादा होती हैं  तो इसे टैकीकार्डिया hraday ki dhadkan bhut jyda hoti hai to ise  techycardia और बहुत कम होती हैं तो...