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सितोपलादि चूर्ण के फायदे । sitopladi churna ke fayde

सितोपलादि चूर्ण के फायदे । sitopladi churna ke fayde  सितोपलादि चूर्ण के घट़क (content) ::: ० सितोपला (sitopla). ० वंशलोचन (vanshloshan). ० पिप्पली (pipali). ० एला.(ela). ० दालचीनी (cinnamon).  सीतोपलादि चूर्ण रोगाधिकार (indication) या सितोपलादि चूर्ण के फायदे ::: ० कास (cough). ० पित्त श्वास. (Dry asthma). ० ज्वर (fever). ० हाथ पैरो की जलन (hand's feet burning). ०पीठ में दर्द (backache). ०  क्षय रोग (Tuberculosis). ० उर्धगत रक्त पित्त. ० अटोचक. मात्रा (Dosage) ::: घी या  शहद  के साथ वैघकीय परामर्श से. हरीतकी चूर्ण (Haritaki churna) ::: घट़क (content) ::: ० हरड़ फल. रोगाधिकार (indication) या हरीतकी चूर्ण के फायदे ::: ० नेत्र रोगों में (eye Disease). ० अर्श (piles). ० रसायन. ० अतिसार (Diarrhoea). ० अजीर्ण (indigation). ० प्रमेह या  मधुमेह (Diabetes). ० मोतीक्षरा (Typhoid). ० कब्ज (constipation). मात्रा (Dosage) ::: शहद  या जल के साथ वैघकीय परामर्श से. ० तुलसी ० पलाश वृक्ष के औषधीय गुण ० पंचनिम्ब चूर्ण ० गिलोय के फायदे ० चुकंदर के फायदे • इंजेक्शन मोनो...

द्राक्षारिष्ट के फायदे [DRAKSHARISHTA KE FAYDE]

 द्राक्षारिष्ट के फायदे [DRAKSHARISHTA KE FAYDE]   आयुर्वेद चिकित्सा ग्रंथों में द्राक्ष यानि किशमिश का चिकित्सकीय उपयोग विस्तारपूर्वक बताया गया हैं । द्राक्ष से बनने वाली औषधि "द्राक्षारिष्ट" एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि हैं आईये जानतें हैं  द्राक्षारिष्ट के फायदे के  बारें में द्राक्षारिष्ट के घटक Draksharishta content : द्राक्षारिष्ट                                1.द्राक्षा (मुनुक्का).-  ( Vitis vinifera) 2.परियांगु - (callicarpa macrophylla) 3.लोंग (piper longum) 4.सौंठ (Zingiber officinale) 5.पीपली () 6.वायविडंग (Embelia ribes) 7.धायफूल (Woodfordia fruticosa) 8.इलायची 9.नागकेशर 10.गुड़  ० द्राक्षारिष्ट के फायदे द्राक्षारिष्ट के फायदे बताते हुए आयुर्वेद ग्रंथों में लिखा हैं  तृष्णादाहज्वर श्वासरक्तपित्तक्षतक्षयान।वात्तपित्तमुदावर्तस्वरभेदंमदात्यम्।।तिक्तास्यतामास्यशोषंकाशच्चाशुव्यपोहति।मृद्धीकाबृंहणीवृष्यामधुरस्निग्धशीतला।।   द्राक्ष या मुनुक्का प्यास,जलन,बुखार,...

Lodhrasav ke fayde लोध्रासव के फायदे बताइए

Lodhrasav ke fayde लोध्रासव के फायदे बताइए लोध्रासव के घटक Lodhrasav ke ghtak  लोध्रासव के फायदे 1.लोध्र lodhra  2.मूरवा murva  3.शटी shati 4.वायविडंग vayvidang 5.भारंगी bharngi 6.तंगर tangar 7.व्यग्रनखी vygrnkhi 8.नागरमोथा nagarmotha 9.कुटज kujaj 10.कूठ kuth 11.सुपारी supari 12.प्रियगु priygu 13.अतिविशा ativisha 14. चित्रक 15.इन्द्ररुणी indrruni 16.दालचीनी dalchini 17.छोटी ईलायची choti ilaichi 18.तेजपत्र tejpatr 19.नागकेशर nagkeshar 20.चिरायता chirayta 21.कुटकी kutki 22.यवानी yvani 23.पुष्करमूल pushakarmul 24.पाठा patha 25.ग्रंथी granthi 26.चव्य chavy  27.हरड़ harad  28. बहेड़ा   29.आंवला aanvla  30.पानी Pani  31.शहद shahad  Lodhrasav ke fayde लोध्रासव के फायदे मूत्राशय रोग में लोध्रासव  लोध्...

दशमूल क्वाथ के लाभ और उपयोग। BENEFITS OF DASHMOOL KVATH DAKVATH

दशमूल क्वाथ के लाभ और उपयोग BENEFITS OF DASHMOOL KVATH DAKVATH दशमूल क्वाथ के फायदे से अधिकांश लोग आज अनभिज्ञ हैं आईयें जानतें दशमूल क्वाथ के फायदे  Dashmul kwath uses in Hindi  बारें में  दशमूल क्वाथ के बारे में भैषज्य रत्नावली में श्लोक है कि वातव्याधिं क्षयं छर्दिं पाण्डुरोगच्च कामलाम शर्करामश्मरी मूतरकृच्छं धातुक्षयंजयेत।। कृशानांपुष्टिजननो बन्ध्यानां पुत्रद,:पर।अरिष्टो दशमूलाखयस्तेज: शुकरबलपृद:।। 1. गर्भाशय संबंधी विकारों में विकारों में ::: यदि प्रसव होने के पश्चात 8 से 10 दिन हो गए हो, और स्त्री के गर्भाशय से  दुर्गंध युक्त रक्त स्त्राव हो रहा हो तो प्रतिदिन 10ml दशमूल क्वाथ सुबह-शाम देने से दुर्गंध युक्त रक्त स्त्राव बंद हो जाता है। यदि प्रसव के पश्चात प्रसूता स्त्री को ज्वर आ जाता हो तो दशमूल क्वाथ बहुत अच्छा लाभ प्रदान करता है इसके लिए दशमूल क्वाथ के साथ लक्ष्मी विलास रस का प्रयोग किया जाना चाहिए। लक्ष्मी विलास रस 3 ग्राम और दशमूल क्वाथ 5ml लेकर सुबह शाम प्रसूता स्त्री को सेवन करवाना चाहिए। दशमूल क्वाथ गर्भाशय को बल ...

पंचनिम्ब चूर्ण :: शास्त्रोक्त आयुर्वेद औषधी

इस लेख में मैं आपको शास्त्रोक्त आयुर्वेद औषधी "पंचनिम्ब चूर्ण " के बारें में जानकारी देंगे । पंचनिम्ब चूर्ण ::: शास्त्रोक्त आयुर्वेदिक औषधी  पंचनिम्ब चूर्ण  पंचनिम्ब चूर्ण के  घटक द्रव्य   :: १. नीम छाल २.नीम फूल ३.नीम पत्ती ४.हरड़  ५.बहेड़ा  ६.आँवला ७.शुण्ठी या सौंठ ८.मरिच  ९. पिप्पली  १०.ब्राम्ही ११.गोखरू १२.शुद्ध भल्लाटक १३.चित्रक १४.विड़ंग १५.वराहीकंद १६.लौहभस्म १७.गिलोय १८.हरिद्रा (हल्दी)   १९.दारूहरिद्रा २०.बाकुची २१.अश्वगंधा २२.शर्करा  २३.कूठ २४.इन्द्रजौ  २५.पाठा २६.आसनकाष्ठ क्वाथ  २७.  खदिरछाल क्वाथ २८.पंचनिम्ब क्वाथ २९.भृंगराज स्वरस ३०.नीम पत्ती क्वाथ           पंचनिम्ब चूर्ण किन रोगों में उपयोगी हैं पंचनिम्ब चूर्ण त्वचा रोगों की सर्वोत्तम शास्त्रीय आयुर्वेद औषधी हैं यह निम्न...

33 रोगों पर प्रभावी विंन्ध्य हर्बल के फार्मूले [ # 33 Rogo par prabhavi Vindhya Herbal ke farmule]

 Vindhya Herbal # 1अर्श (Piles) रोग के लिये प्रभावी कैप्सूल # विन्ध्य बेलगूदा कैप्सूल #विन्ध्य पंचसकार कैप्सूल # विन्ध्य  बहेड़ा कैप्सूल, # विन्ध्य त्रिफला कैप्सूल,  #विन्ध्य वैश्वानर कैप्सूल,  #विन्ध्य त्रिफला गुग्गल कैप्सूल. ० विटामीन D आयुर्वैदिक औषधि सूचि यहाँ देखियें ० अरहर के औषधीय प्रयोग ० प्याज के बारें में यहाँ जानें ० गिलोय के फायदे ० निर्गुण्डी 2अनिद्रा के लिये  # विन्ध्य सर्पगंधा कैप्सूल,  #विन्ध्य जटामासी कैप्सूल,  #विन्ध्य स्ट्रेस - ५ कैप्सूल. 3.अम्लपित्त (Acidity) के लिये  # विन्ध्य एंटासिड़ कैप्सूल,  #विन्ध्य यष्टीमधु कैप्सूल,  #विन्ध्य अविपत्तिकर कैप्सूल,  #विन्ध्य शंखभस्म कैप्सूल. what is Guggul 4.उदर रोग (ग्रहणी, रक्तातिसार,अतिसार) # विन्ध्य एन्टीडायरल - ५०० कैप्सूल, #विन्ध्य अशोक कैप्सूल,  #विन्ध्य रास्नापत्ति कैप्सूल,  #विन्ध्य कूडाछाल कैप्सूल, #विन्ध्य विल्वादि कैप्सूल, #विन्ध्य शंखभस्म कैप्सूल, #विन्...

Ayurvedic medicine list । आयुर्वैदिक औषधि सूची

Ayurvedic medicine list  [आयुर्वैदिक औषधि सूची] #1.नव ज्वर की औषधि और अनुसंशित मात्रा ::: १.त्रिभुवनकिर्ती रस  :::::   १२५ से २५० मि.ग्रा. २.संजीवनी वटी       :::::    १२५ से २५० मि.ग्रा. ३.गोदन्ती मिश्रण.    :::::     १२५ से २५० मि.ग्रा. #2.विषम ज्वर :: १.सप्तपर्ण घन वटी  :::::    १२५ से २५० मि.ग्रा. २.सुदर्शन चूर्ण.        :::::     ३ से ६ ग्रा. # 3 वातश्लैष्मिक ज्वर ::: १.लक्ष्मी विलास रस.  :::::  १२५ से २५० मि.ग्रा. २.संशमनी वटी          :::::  ५०० मि.ग्रा से १ ग्रा. # 4 जीर्ण ज्वर :::: १. प्रताप लंकेश्वर रस.  :::::  १२५ से २५० मि.ग्रा. २.महासुदर्शन चूर्ण.     :::::   ३ से ६ ग्राम ३.अमृतारिष्ट              :::::    २० से ३० मि.ली. # 5.सान्निपातिक ज्वर :::: १. लक्ष्मी विलास रस नारदीय :::::  २५० से ५०...