Shri ram #भगवान श्री राम का प्रेरणाप्रद चरित्र रामायण या रामचरित मानस सेकड़ों वर्षों से आमजनों द्धारा पढ़ी और सुनी जा रही हैं.जिसमें भगवान राम के चरित्र को विस्तारपूर्वक समझाया गया हैं,यदि हम थोड़ा और गहराई में जाकर राम के चरित्र को समझे तो सामाजिक जीवन में आनें वाली कई समस्यओं का उत्तर उनका जीवन देता हैं जैसें ● आत्मविकास के 9 मार्ग #१.आदर्श पुत्र ::: श्री राम भगवान अपने पिता के सबसे आदर्श पुत्र थें, एक ऐसे समय जब पिता उन्हें वनवास जानें के लिये मना कर रहें थें,तब राम ही थे जिन्होनें अपनें पिता दशरथ को सूर्यवंश की परम्परा बताते हुये कहा कि रघुकुल रिती सदा चली आई | प्राण जाई पर वचन न जाई || एक ऐसे समय जब मुश्किल स्वंय पर आ रही हो पुत्र अपनें कुल की परंपरा का पालन करनें के लिये अपने पिता को कह रहा हो यह एक आदर्श पुत्र के ही गुण हैं. दूसरा जब कैकयी ने राम को वनवास जानें का कहा तो उन्होनें निसंकोच होकर अपनी सगी माता के समान ही कैकयी की आज्ञा का पालन कर परिवार का बिखराव होनें से रोका. आज के समय में जब पुत्र अपनें माता - पिता के फैसलों ...
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