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Benifits of Ajwain।अजवाइन के फायदे

Benifits of Ajwain।अजवाइन के फायदे औषधि के रूप में अजवाइन का प्रयोग प्राचीन समय से हो रहा है। प्रसूता को इसका विशेष रूप से सेवन कराया जाता है क्योंकि इससे गर्भाशय की शुद्धि एवं पीड़ा खत्म होती है। इससे भूख बढ़ती है तथा भोजन का पाचन सम्यक रूप से होता है। अजवाइन के लिए कहा जाता है कि अजवाइन कई प्रकार के अन्न को पचा सकती हैं। पुरानी खांसी में अजवाइन के फायदे सूखी खांसी होने पर अजवाइन 1 ग्राम, मुलेठी 2 ग्राम एवं काली मिर्च 2 ग्राम का काढ़ा बनाकर रात्रि में सोते समय लेवें।  पुरानी खांसी जिसमें पीला एवं दुर्गन्धित कफ निकलता हो, उसमें अजवाइन का अर्क 20 मिली दिन में 3 बार पिलाएं।  बार-बार खांसी का वेग आ रहा हो तो अजवाइन सत्व 125 मिग्रा, घी 2 ग्राम, शहद 4 ग्राम मिलाकर चटाने से कफ बाहर निकलता है एवं खांसी में आराम मिलता है। पेट के कीड़े अजवाइन का चूर्ण आधा ग्राम, काला नमक आधा ग्राम मिलाकर रात को सोते समय गर पानी से बच्चों को देने से पेट के कीड़े बाहर निकल जाते है तथा भूख बढ़ती है। अजवाइन का चूर्ण 3 ग्राम, काला नमक 1 ग्राम मिलाकर सुबह खाली पेट गरम पानी के साथ लेने से पेट के कीड़े निकल जा...

आयुर्वेदिक दवाएं लेते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए

आयुर्वेदिक दवाएं लेते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए  आम तोर पर कई लोग आयुर्वेदिक दवाई के सेवन करने से पहले अनेक भ्रम पालकर बेठ जाते हैं कि आयुर्वेदिक दवाईयों मे परहेज ज्यादा रखना पड़ता हैं.और परहेज नहीं करने पर विपरीत परिणाम भोगने पड़ सकते हैं. वास्तव में यह बात सत्य नहीं कही जा सकती हैं क्योंकि मात्र आयुर्वैद ही इस प्रकार का प्रतिबंध नही लगाता बल्कि विश्व की सभी चिकित्सा प्रणाली के अपने-अपने नियम है, जिनकी सहायता से वह रोगो का निदान करती हैं . फिर इस सम्बंध मे मात्र आयुर्वैद को कटघरें मे खड़ा करना उचित प्रतित नहीं होता ,जो पदार्थ दवाईयों के प्रभाव को कम करता है या बीमारीं को बढ़ाता हैं उस पदार्थ को त्याग देना ही मेरे मत मे उचित होना चाहिये.आईयें जानतें है कुछ परहेज :- १. वात रोगो में गैस बनाने वाले पदार्थ जैसे बेसन आलू ,बेंगन इत्यादि का सेवन नहीं करना चाहिये. २. उदर विकार में मिर्च मसालेदार ,गरिष्ठ पदार्थ का परहेज करें. ३.  मनोविकारों उच्च रक्तचाप में काँफी शराब,चाय का परहेज करें. ४.खटाई का सेवन करने से आयुर्वैदिक दवाईयों की कार्यप्रणाली में बदलाव आता हैं ,अत: इनका सेवन ...