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मधुमक्खी पालन एक लाभदायक व्यवसाय [Honeybee]

 मधुमक्खी पालन(एपीकल्चर) जिस प्रकार से शहद की मांग दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं,उसकी पूर्ति के लिये मधुमक्खी पालन (एपीकल्चर) एक लाभप्रद व्यवसाय बन गया हैं.यदि हम उचित विधि अपनाकर मधुमक्खी पालन को अपनायें तो न केवल मधुमक्खी पालन से लाभ कमा सकते हैं,बल्कि फसलों और फूलों की पैदावार भी  बढ़ा सकते हैं क्योंकि मधुमक्खी फसलों का परागण की दर तीव्र कर देती हैं.आईयें जानतें मधुमक्खी पालन के बारें में #1.शहद निर्माण की प्रक्रिया ::: मधुमक्खी एक साथ समूह में रहती हैं, प्रत्येक मधुमक्खी का काम बँटा रहता हैं जैसे एक समूह में एक रानी मधुमक्खी, लगभग 100 नर मधुमक्खी तथा 20 से 60 हजार नपुसंक श्रमिक मधुमक्खीयाँ होती हैं. श्रमिक मधुमक्खी फूलो से रस व पराग मुहँ में भरकर लाती हैं,व छत्ते पर आकर मुहँ खाली कर देती हैं,कुछ मधुमक्खीयाँ अपने मुख से रस को ऊपर निचें करती रहती हैं,फलस्वरूप रस गाढ़ा हो जाता हैं,इन मधुमक्खीयों  के शरीर से एक इनवर्ट नामक एंजाइम निकलता हैं,जिसके फलस्वरूप शहद मीठा हो जाता हैं.लगभग 100 ग्राम शहद बनानें में मधुमक्खी को 1 लाख बार फूलों के चक्कर लगानें पड़ते हैं. ...