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PH LEVEL क्या हैं

PH LEVEL क्या हैं ?  Ph level pH का पूरा नाम potential hydrogen हैं.यह पदार्थों के क्षारीय या अम्लीय होनें की माप हैं.इसकी स्केल 0 से 14 तक निर्धारित हैं. 0 से 7 pH मान वाले पदार्थ एसिड़ प्रकृति के होतें हैं.जबकि 7 से 14 के बीच वालें पदार्थ एल्कलाइन प्रकृति को प्रदर्शित करतें हैं.बिल्कुल 7 की माप दर्शानें वालें पदार्थ उदासीन  (nutral) होतें हैं. #एसिडिक पदार्थ कोंन - कोंन से हैं ? काँफी,चाय, सफेद चावल,मूँगफली, कृत्रिम शक्कर,वाइन,चीज,कोला , बाजरा ,ज्वार ,काजू,अलसी,तिल,अचार #एल्केलाइन पदार्थ कोंन - कोंन से हैं ? सेब,पालक,मशरूम,गाजर, निम्बू , आंवला, आडू, खीरा , बादाम, खरबूजा, तुलसी , बैंकिंग  सोडा,मसूर, कद्दू,  केला, नारियल, अंजीर, अंगूर, खजूर, दूध, संतरा, नासपाती, अंकुरित अनाज, चुकंदर, पत्ता गोभी, गोभी, गाजर, प्याज, मूली, टमाटर, पालक,  आलू व परवल निम्बू अम्लीय होता है लेकिन यह पेट में जाने के बाद एल्कलाइन गुण दर्शाता हैं। #उदासीन पदार्थ कोंन - कोंन से हैं ? पानी,दूध,मक्खन,खाद्य तेल आदि. #शरीर के लियें pH का कितना महत्व होता हैं ...

नाश करता नशा

मादकद्रव्यों का सेवन अनादिकाल से ही होता आया हैं.देवता भी इसके प्रभाव से अछूतें नहीं रह सकें हैं,सोमरस के साथ देवताओं की महफिल सजा करती थी. भांग ओर गांजा तो धार्मिक और सांस्कृतिक रिति - रिवाजों में बस चुके हैं. किन्तु यहाँ इनका प्रयोग की सीमित ही अनुमति दी गई हैं.  किन्तु वर्तमान समय की बात की जायें तो प्रत्येक प्रकार के नशे का बढ़ता चलन न केवल स्वास्थ को नुकसान पहुँचा रहा हैं,बल्कि अनेक सामाजिक समस्याओं को जन्म दे रहा हैं जैसें साम्प्रदायिक सद्धभाव ###पारिवारिक विघट़न ::: एक समाजशास्त्रीय शोध के अनुसार प्रत्येक पारिवारिक लड़ाई झगड़ो एँव मनमुटाव के पिछे आर्थिक कारणों के साथ मघपान या दूसरें नशों का सेवन मुख्य कारण हैं. दहेज के उत्पीड़न के मामलों में 60% के मूल में पति, पत्नि या घर के दूसरे सदस्यों का नशा करना भी शामिल हैं.  नशा करनें का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव परिवार झेलता हैं, सोचियें यदि घर में कोई एक कमाने वाला पुरूष अपनी कमाई का तीन चौथाई भाग नशे में उड़ा दे,तो परिवार विघटित हो जायेगा, पत्नि बच्चों के पालन पोषण के लिये या तो मेहनत मज़दूरी करेगी ...

CHANDANASAVA,KANAKASAV

1.chandanasava ::: चन्दनासव इत्येष शुक्रमेहविनाशन:|बलपुष्टिकरो हृद्धो वह्सन्दीपन: पर : || content ::: ० chandan (santalum alhum). ० nagarmodha (Cyprus rotundus). ० manjisth (Rubia cordifolia). ० priangu ( callicarpa macrophylla) ० munaka ( vitis vinifera). ० Neelkamal (Nelumbo nucifera). ० Dhaiphool (Woodfordia fruticosa) ० lal chandan. ० Mochras. ० patolpatra. ० Rashna. ० mulethi. ० pittapapada. ० Kachoor. ० Amachhal. ० Kanchanarchhal. ० peepalchhal. ० Bargadchhal. ० chirayata. Indication ::: It has diuretic and refrigerant action. It makes urine alkaline and therefore is useful in burning micturition.It is useful in dysuria,oliguria and urinary calculus. It provides symptomatic relief in gonorrhoea and syphilis as it reduces dysaria,burning micturition and pus. It's another uses::: ० Harmaturia. ० general debility. ० Spermatorrhsea. ० Leucorrhoea. Dosage :::...

प्रोस्टेट कैंसर क्या है। what is prostate cancer in hindi

प्रोस्टेट कैंसर क्या हैं। what is prostate Cancer in hindi प्रोस्टेट कैंसर (prostate cancer) पुरूषों के प्रजनन तंत्र से सम्बधित बीमारी हैं.जो प्रोस्टेट ग्लेंड़ को प्रभावित करती हैं.यह बीमारी धीरें - धीरें बढ़ती हैं,और बढ़ती उम्र के साथ इसका खतरा अधिक बढ़ जाता हैं. प्रोस्टेट कैंसर से सम्पूर्ण विश्व में मरने वालो का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा हैं.इसका अन्दाजा इस बात से लगा सकतें हैं,कि जितने भी प्रकार के कैंसर होते हैं उनमें प्रोस्टेट कैंसर का प्रतिशत लगभग 25 हैं. prostate cancer affected cells           प्रोस्टेट कैंसर के कारण ::: ० टेस्टोस्टेराँन हार्मोंन का असंतुलित होना. ० शारिरिक गतिविविधियों में कमी. ० मोटापा. ० उच्च वसायुक्त खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन ०  बीमारी का आनुवांशिक रूप से स्थानानंतरण. ० हार्मोंनल दवाईयों का अनियमित रूप से प्रयोग ० आक्सीटोसीन हार्मोंन युक्त दूध या माँस के लगातार प्रयोग से. ० तम्बाकू, शराब के सेवन से. ० डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों और लाल मांस का अत्यधिक सेवन. प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण::: ...

कांकायन वटी,kankayan vati,

कांकायन वटी (kankayan vati) ::: कांकायन वटी आयुर्वैद चिकित्सा में अपना अनुपम स्थान रखती हैं. इसके बारें में एक श्लोक हैं, कि कांकायनेन शिष्येभ्य : शस्त्रक्षाराग्निभिर्विना |भिषग्जितमिति प्रोक्तं श्रेष्ठमशोविकारिणाम् || बथुआ घट़क (content) ::: ० हरड़ (Terminalia chebula). ० कालीमिर्च (piper nigrum) . ० सौंठ ( Zingiber officinale). ० जीरा ( cuminum cyminum). ० पीपलीमूल (piper longum).  ०  चव्य  ० चित्रक (plumbago zeylanica). ० शुद्ध भिलावा (semecarpus anacardium). ० यवक्षार (potasil carbonas).   उपयोग (uses)::: ० खूनी बवासीर (bleeding piles). ० कब्ज (constipation). ० एसीडीटी (acidity). ० ग्रहणी ( bawl disesease). मात्रा ( Dosage)::: पानी या छाछ के साथ वैघकीय परामर्श से. ० अश्वगंधा • कब्ज का इलाज ० पश्चात के औषधीय उपयोग

मेथी के फायदे और इसमें पाए जाने वाले पौषक तत्व। fenugreek

#1.मेथी (fenugreek)  मेथी दो प्रकार की होती हैं, एक साधारण मेथी दूसरी कसूरी मेथी .साधारण मेथी तेजी से बढ़नें वाली होती हैं,वही कसूरी मेथी की बढ़वार धीमी होती हैं.मेथी की पत्तियाँ और बीजों का सब्जी तथा औषधि के रूप में प्रयोग होता हैं. #2.पाये जानें वाले पोषक तत्व  प्रति सौ ग्राम हरी मेथी और बीज़ में पाये जानें वालें तत्व हरी पत्ती   नमी.  प्रोटीन.  वसा.  रेशा.  कार्बोहाइड्रेट.  ऊर्जा.   86.1.  4.4.     0.9.    1.1.     6.0gm.          49 kg/cal. आयरन.   विटामिन B-2. विटामिन C  कैल्सियम  19.3mg.  0.3mg.            53.             395 बीज      नमी.    प्रोटीन.   वसा.  रेशा. कार्बोहाइड्रेट.       8.8.      23.       7.      10 .      58.4  ऊर...

BODY MASS INDEX (BMI),बाँडी मास इंडेक्स,

बाँडी  मास इंडेक्स (BMI) क्या हैं| Body mass index kya his  ::: बाँडी मास इंडेक्स (BMI) वज़न और स्वास्थ से संबधित सूचकांक हैं.जो व्यक्ति के वजन के हिसाब से लम्बाई बताता हैं.इसके माध्यम से वज़न और वज़न की वज़ह से होनें वालें रोगों की पहचान की जाती हैं.body mass index का  आविष्कार बेल्जियम के एडोल्फ केटलेट नामक व्यक्ति ने किया था. इसकी स्केल क्या हैं ::: यह चार स्तर पर परिणाम दिखाता हैं below 18.5.          under weight       18 - 25.              fit          25 - 30.            obesity        30 - 40.             advanced obesity    above 40.             morbid obesity.         बाँडी मास इंडेक्स कैसें निकाला जाता हैं body mass index kese nikala jata hai ::: BMI मीटर में ऊँचाई को दोगना कर वज़न...