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Laparoscopic surgery kya hoti hai Laparoscopic surgery aur open surgery me antar

Laparoscopic surgery kya hoti hai Laparoscopic surgery लेप्रोस्कोपिक सर्जरी सर्जरी की एक अति आधुनिक तकनीक हैं। जिसमें सर्जरी के लिए बहुत बड़े चीरें की जगह बहुत ही छोटे-छोटे छिद्र किए जातें हैं । लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को key hole surgery या minimal invasive surgery भी कहते हैं । लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में एक टेलीस्कोप को विडियो कैमरे के साथ जोड़ा जाता हैं ,इस टेलीस्कोप को छोटे छिद्र के द्वारा पेट में डाला जाता हैं और संम्पूर्ण पेट की सूक्ष्मता से जांच की जाती हैं ।  सर्जन तथा उसकी टीम पेट के अंदर का संपूर्ण चित्र टीवी मानीटर पर देखकर आपरेशन करते हैं जिससे गलती की संभावना बहुत कम होती हैं ।  लेप्रोस्कोपिक सर्जरी आजकल बहुत अधिक चलन में है । लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के माध्यम से पेट के लगभग सभी आपरेशन जैसे पैंक्रियाटिक सर्जरी, कोलोरेक्टल सर्जरी, stomach surgery,गाल ब्लेडर सर्जरी,हार्निया सर्जरी ,anti reflux surgery, abdominal Wall reconstruct surgery,piles surgery, fistula surgery,wet loss surgery, Diabetes surgery,स्पाइन सर्जरी आदि की जाती हैं ।      L...

Lodhrasav ke fayde लोध्रासव के फायदे बताइए

Lodhrasav ke fayde लोध्रासव के फायदे बताइए लोध्रासव के घटक Lodhrasav ke ghtak  लोध्रासव के फायदे 1.लोध्र lodhra  2.मूरवा murva  3.शटी shati 4.वायविडंग vayvidang 5.भारंगी bharngi 6.तंगर tangar 7.व्यग्रनखी vygrnkhi 8.नागरमोथा nagarmotha 9.कुटज kujaj 10.कूठ kuth 11.सुपारी supari 12.प्रियगु priygu 13.अतिविशा ativisha 14. चित्रक 15.इन्द्ररुणी indrruni 16.दालचीनी dalchini 17.छोटी ईलायची choti ilaichi 18.तेजपत्र tejpatr 19.नागकेशर nagkeshar 20.चिरायता chirayta 21.कुटकी kutki 22.यवानी yvani 23.पुष्करमूल pushakarmul 24.पाठा patha 25.ग्रंथी granthi 26.चव्य chavy  27.हरड़ harad  28. बहेड़ा   29.आंवला aanvla  30.पानी Pani  31.शहद shahad  Lodhrasav ke fayde लोध्रासव के फायदे मूत्राशय रोग में लोध्रासव  लोध्...

वायरस क्या होता हैं । वायरस और बैक्टीरिया में अंतर what is virus in hindi difference between virus and bacteria

वायरस क्या होता हैं virus kya hota hai वायरस virus अतिसूक्ष्म अकोशिकीय संरचना होती हैं ,जो नाभिकीय अम्ल Nucleus acid RNA या DNA और प्रोटीन से बना होता हैं । वायरस साधारण आंखों से नहीं दिखाई देते  हैं इन्हें देखने के लिए विशेष इलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी की आवश्यकता होती हैं । वायरस को सफेद बारीक क्रिस्टल के रूप में संग्रहित किया जा सकता हैं । अब तक 6 हजार से ज्यादा विभिन्न प्रकार के वायरसों का पता वैज्ञानिकों द्वारा लगाया जा चुका है । वैज्ञानिकों के मुताबिक वायरस एक बीज की तरह से व्यहवार करते हैं जैसे एक बीज पानी, सूर्य प्रकाश और मिट्टी का सहयोग पाकर पौधा बनता हैं उसी प्रकार वायरस निर्जीव बनकर बहुत समय तक पड़े रहते हैं । वायरस जब जीवित कोशिका के संपर्क में में आते हैं तो कोशिका भेदकर उसके अंदर प्रवेश कर जाते हैं और कोशिका की RNA या DNA और जेनेटिक संरचना को परिवर्तित कर अपनी जेनेटिक संरचना उस कोशिका में प्रतिस्थापित कर देता हैं और अपने जैसी कोशिकाओं का उत्पादन शुरू कर देता हैं । वायरस की खोज कब हुई थी virus ki khoj kab hui thi वायरस की  खोज virus ki khoj का श्रेय एडवर...

बांस के औषधीय गुण

बांस के औषधीय गुण benifits of bamboo in Hindi  बांस के औषधीय गुण बांस का परिचय  बांस सम्पूर्ण भारतवर्ष में पाया जानें वाला पेड़ हैं । बांस का पेड़ bansh ka ped  पहाड़ों की तलहटी और घने जंगल में बहुतायत में उगता है। बांस के पेड़ एकदम सीधे  लम्बे और झाड़ीदार होते हैं। बांस के पेड़ की लम्बाई 40 से 50 फ़ीट तक हो जाती हैं ।  एक बांस की झाड़ी bansh ki jhadi में सौ दौ सौ तक बांस होते हैं । बांस जहां उगता है उसके आसपास की जमीन से खतरनाक और जहरीले तत्वों को खींच लेता है और जमीन को विषैले तत्वों से मुक्त कर देता है । बांस के पेड़ पर दो से ढाई फीट के अंतर से ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ पंगेर फूटती हैं । यह पंगेर वर्षा ऋतु में जब बादल गरजतें है तब फूटती हैं । बांस के पेड़ bansh ke ped पर पत्ते बहुत कम होते हैं। ० गेंदा फूल के औषधीय गुण बांस की दो जातियां होती हैं  एक नर और दूसरी मादा नर बांस अंदर से ठोस होते हैं जबकि मादा बांस अंदर से खोखले होते हैं । आयुर्वेद में जिस बांस का औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता हैं उसे पीत बांस, पीला बांस य...

मोतियाबिंद क्या होता हैं । लक्षण ,और कारण । what is cataract in Hindi

मोतियाबिंद क्या होता हैं। what is cataract in Hindi मनुष्य की आंखों के लेंस manusy ki  aankho ke lens प्रोटीन और फाइबर से बनी संरचना होती हैं। यह लेंस पारदर्शी और कांच के समान होती हैं । इस लेंस के माध्यम से होकर प्रकाश आंखों के पर्दे पर आता हैं , जिससे किसी वस्तु का साफ़ प्रतिबिंब दिखाई देता हैं । जब कभी किसी कारण से यह लेंस धुंधले हो जातें हैं तो प्रकाश इन लेंस से नहीं गुजर पाता है । लेंस के धुंधला होनें की यह अवस्था मोतियाबिंद cataract कहलाती हैं ।  मोतियाबिंद भारत में अन्धत्व का बहुत बड़ा कारण मोतियाबिंद हैं । भारत में लगभग 65 प्रतिशत लोग में नेत्रहीनता का कारण मोतियाबिंद ही है । भारत में प्रतिवर्ष 20 लाख लोगों में मोतियाबिंद होता हैं । मोतियाबिंद के लक्षण motiyabind ke laxan आंखों से धुंधला दिखाई देना यदि किसी को मोतियाबिंद हो जाता हैं तो पढ़ने या कोई वस्तु देखने पर वह धुंधली दिखाई देती हैं ।  आंखें चोंधियाना यदि मोतियाबिंद ग्रसित व्यक्ति टीवी देखता है या किसी साधारण से प्रकाश स्रोत जिसे सामान्य आंखों वाला देख सकता हैं को देखता है तो उसकी...