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भारत में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की शुरुआत कब हुई थी

  प्रश्न 1.भारत में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की शुरुआत कब हुई थी ? उत्तर - भारत में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की शुरुआत का श्रेय एक फ्रांसीसी पर्यटक डॉ.जान मार्टिन हानिगबर्गर को जाता हैं। डॉ.जान मार्टिन सन् 1810 में भारत घूमने आए तो उन्होंने पंजाब के शासक महाराजा रणजीत सिंह के गले का इलाज होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से सफलता पूर्वक किया था। महाराजा रणजीत सिंह डॉ.जान मार्टिन हानिगबर्गर के होम्योपैथिक पद्धति से किए गए इलाज से बहुत प्रभावित हुए थें। उल्लेखनीय है कि डॉ.जान मार्टिन हानिगबर्गर होम्योपैथी के जनक डॉ.सेमुएल हैनीमैन के शिष्य थे । सन् 1810 के बाद होम्योपैथी का प्रचार प्रसार जारी रहा और बंगाल में यह चिकित्सा पद्धति से बहुत लोकप्रिय हो गई। प्रश्न 2.भारतीय होम्योपैथी का पिता Father of Indian homeopathy किसे कहा जाता हैं ? उत्तर 2. भारतीय होम्योपैथी का पिता Father of Indian homeopathy बाबू राजेंद्र लाल दत्त Babu Rajendra lal Dutta को कहा जाता हैं।  बाबू राजेंद्र लाल दत्त ने भारत में होम्योपैथी के प्रचार-प्रसार में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया इसीलिए उनकों भारतीय होम्योपैथी ...

Pulse oximeter : आप कालें हैं तो पल्स आक्सीमीटर को लेकर सावधान हो जाएं

  Author::Healthylifestyehome भारत में कोरोना काल में पल्स आक्सीमीटर हर घर की जरूरत बन गया हैं। लेकिन क्या आप जानतें हैं पल्स आक्सीमीटर काले और गोरे लोगों के आक्सीजन स्तर को अलग अलग नापता हैं। जी हां सही सुना आपने ये चोंकाने वाला खुलासा अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में हुआ हैं। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के डाक्टर फिलीप बिकलर ने इस संबंध में शोध किया हैं। डाक्टर फिलीप बिकलर कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में हाइपोक्सिया रिसर्च लैब के डायरेक्टर हैं इन्होंने अलग-अलग चरणों में कुल 48097 लोगों पर परीक्षण कर बताया कि काले रंग के लोगों में Pulse oximeter लगभग 12 प्रतिशत तक आक्सीजन का स्तर कम बताता हैं।  जबकि गोरे लोगों में Pulse oximeter लगभग 3.6 प्रतिशत आक्सीजन का स्तर अधिक करके बताता हैं। इस रिसर्च रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद ब्रिटिश सरकार ने पल्स आक्सीमीटर की स्वतंत्र एंजेसी से जांच कराने की घोषणा कर दी वहीं अनेक देशों ने इस संबंध में विस्तृत जांच कराने का फैसला किया हैं। पल्स आक्सीमीटर भ्रामक परिणाम दे सकता हैं इसको लेकर भारत में भी कई बार Social media पर विवाद हुआ हैं ...

रीढ़ की हड्डी में‌ दर्द दूर करने के लिए सर्जरी

  भारत समेत पूरी दुनिया में बैठकर काम करने वालों का एक बहुत बड़ा वर्ग रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्या को लेकर बहुत परेशान हैं। और रीढ़ की हड्डी में दर्द को समाप्त करनें के तमाम जतन कर रहा हैं उदाहरण के लिए फिजियोथेरेपी,  पंचकर्म चिकित्सा किंतु समस्या का पूर्ण निदान नहीं हो पाता है। और लम्बें समय बाद समस्या ओर गंभीर हो जाती हैं।  रीढ़ की हड्डी में दर्द को स्थाई रूप से समाप्त करनें के लिए आजकल एक नवीन तकनीक Percutaneous disc Nucleoplasty बहुत प्रचलन में हैं । आईए जानतें हैं percutaneous disc nucleoplasty के बारें में 1.Percutaneous disc Nucleoplasty एक प्रकार की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी बिना चीरा बिना टांका पद्धति से की जानें वाली सर्जरी हैं। 2.percutaneous disc nucleoplasty में रीढ़ की हड्डी के उस फैलाव को नियंत्रित किया जाता हैं जिसमें रीढ़ की हड्डी की नस दबती हैं। 3.रेडियोफ्रीक्वेंसी उपकरणों को एक छोटे-से छेद के माध्यम से रीढ़ की हड्डी तक पहुंचाकर रीढ़ की हड्डी के उन फैलाव को हटाया जाता हैं जो रीढ़ की हड्डी में दर्द के कारण हैं। 4.percutaneous disc nucleoplasty में मर...

इंजेक्शन मोनोसेफ - उपयोग, साइड-इफेक्ट

  एंटीबायोटिक इंजेक्शन मोनोसेफ एक Broad spectrum एंटीबायोटिक हैं जिसमें मौजूद दवा का नाम Ceftriaxone हैं। Ceftriaxone इंडियन फार्मोकोपिया की मेडिसिन हैं।  मोनोसेफ ग्राम पाज़िटिव और ग्राम नेगेटिव बेक्टेरियल इन्फेक्शन के विरुद्ध प्रभावी कार्य करता हैं।  आईए जानतें हैं ग्राम पाज़िटिव और ग्राम नेगेटिव उन बेक्टेरिया के बारें में जिन पर मोनोसेफ प्रभावी साबित होता हैं। ग्राम पाज़िटिव बेक्टेरिया Gram positive Bacteria 1.स्टेफायलोकस आरिअस Staphylococcus aureus 2.स्टेफायलोकस एपिडर्मिडिस, Staphylococcus epidermidis 3.स्ट्रैप्टोकोकस न्यूमोनी streptococcus pneumoniae 4.स्ट्रैप्टोकोकस पायोजिनस, Streptococcus pyogenes 5.विरीदान समूह के स्ट्रेप्टोकोकोई 6.स्ट्रैप्टोकोकस एगालाक्टी, Streptococcus agalactiae ग्राम नेगेटिव बेक्टेरिया Gram negative Bacteria 1.एसिनिटोबेक्टर केल्कोएसिटीकस, Acinetobacter Calcoaceticus 2.एंटीरोबेक्टर एरोजिनस, Enterobacter aerogenes 3.एंटीरोबेक्टर क्लोसिए, Enterobacter Cloacae 4.इश्चिरिया कोलाई , Escherichia Coli 5.हेमोफिलस इन्फ्लुएन्जा, Haemophilis influenzae 6...

आईवीएफ क्या हैं, भारत में आईवीएफ करवाने में कितना खर्चा आता हैं

आईवीएफ [In-vitro fertilization]  चिकित्सा विज्ञान की एक तकनीक हैं, IVF के माध्यम से निसंतान दंपतियों को संतान सुख उपलब्ध कराया जाता हैं। आईवीएफ पद्धति का जन्म इंग्लैंड में सन् 1978 में हुआ था। जिस महिला का फेलोपियन ट्यूब ब्लाक हो जाता हैं वे जब पति के साथ सहवास करती हैं तो फेलोपियन ट्यूब ब्लाक होने की वजह से पुरुष के शुक्राणु महिला के अंडाणु तक नहीं पहुंच पाते हैं फलस्वरूप निषेचन fertilization की प्रक्रिया पूरी नहीं होती हैं। ऐसी परिस्थिति में Ivf center में महिला के ताज़े अंडाणु एकत्र कर पुरुष शुक्राणु से Test tube में निषेचन fertilization करवाया जाता हैं।  यदि यह निषेचन सफल होकर कुछ सप्ताह में भ्रूण बनने लगता हैं तो इस भ्रूण को बच्चें के पैदा होने तक माता के गर्भ में प्रतिस्थापित कर दिया जाता हैं। इस विधि को आईवीएफ या In-vitro fertilization कहतें हैं। IVF आईवीएफ कब करवाना चाहिए  चिकित्सकों के अनुसार यदि महिला और पुरुष एक साल से बिना किसी गर्भनिरोधक तरीके के सहवास कर रहें हों और उसके बाद भी महिला को गर्भधारण नहीं हो रहा हैं तो उन्हें "Ivf center near me" सर्च कर वहां मौज...

हर्बल चाय पीनें के फायदे | Benefits of herbal tea

हर्बल चाय पीनें के फायदे। Benefits of herbal tea आपने chai sutta bar का नाम तो सुना होगा छोटी सी दुकान से कुछ वर्ष पूर्व शुरू हुआ इनका सफ़र आज देश विदेश में सफलता फैल चुका हैं।  chai sutta bar लोगों को अलग-अलग फ्लेवर की चाय serve करता हैं। लेकिन क्या आप जानतें हैं, हर्बल चाय Herbal Tea यदि आप पीतें हैं तो आपको चाय के स्वाद के साथ रोगों से लड़ने में भी मदद मिलती हैं। तो आईए आज आपको हर्बल चाय पीनें के फायदे Herbal Tea ke fayde और हर्बल चाय किन रोगों में फायदेमंद है उसके के बारें में बताते हैं। 1.दालचीनी की हर्बल चाय के फायदे☕ दालचीनी हर घर में उपयोग होनें वाला मसाला हैं। दालचीनी का लेटिन नाम C innamomum Zeylanicum हैं।  दालचीनी में में Cinamom oil, Eugenol,Cinamaldehyde,Cinnazelamine,और camphor पर्याप्त मात्रा में उपस्थित रहता हैं। आधा चम्मच दालचीनी पाउडर चाय में डालकर दस मिनट उबालें और इसे सुबह के समय पीयें इस हर्बल चाय पीने के फायदे आपको निम्नलिखित होंगे 1.निम्न रक्तचाप सही होगा । 2.चेहरा चमकीला और कान्तिवान बनेगा। 3.जोड़ो के दर्द, गठिया, संधिवात में आराम मिलेगा। 4.जिन लोगों क...