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ozone therapy : ओजोन थेरेपी क्या होती हैं, इसका उपयोग किन बीमारियों में होता हैं

Ozone therapy : ओजोन थेरेपी क्या होती हैं ? 

ओजोन थेरेपी क्या होती हैं
Ozone therapy




ओजोन गैस हमारें वायुमंडल के ऊपरी भाग के stratosphere यानि समताप मंडल में पाई जाती हैं ।

 यह गैस प्रथ्वी पर आनें वाली खतरनाक पराबैंगनी किरणों को प्रथ्वी पर आनें से रोकती हैं । ओजोन आक्सीजन के तीन अणु से मिलकर बनती हैं । जब आक्सीजन के अणु पर वायुमंडलीय तड़त
 झंझा (बिजली) गिरती हैं तो आक्सीजन के अणु संयुक्त होकर ओजोन गैस का निर्माण करतें हैं । ओजोन गैस रंगहीन गैस होती हैं ।


 ओजोन थेरेपी ozone therapy चिकित्सा विज्ञान के लिए नई तकनीक हैं । जिसनें हाल ही के वर्षों में बहुत अधिक लोकप्रियता अर्जित की हैं ।

ozone therapy ओजोन थेरेपी  कैसें काम करती हैं 


विशेषज्ञों द्धारा नियत्रिंत मात्रा में शरीर में दी गई ओजोन आँतरिक या बाहरी अंगों के सम्पर्क में आती हैं तो शरीर में आक्सीजन की आपूर्ति बड़ा देती हैं जिससे विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जातें हैं और संबंधित अंग स्वस्थ्य हो जाता हैं। ओजोन थेरेपी ozone therapy के माध्यम से निम्नलिखित बीमारीयों का इलाज सफलतापूर्वक किया जाता हैं ।

श्वसनतंत्र की समस्याओं में ओजोन थेरेपी ozone therapy


हमारें फेफडे शरीर में आक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करतें हैं । स्वस्थ फेफड़े निर्धारित
 मात्रा में आक्सीजन समस्त अँगों तक पहुँचातें हैं किन्तु यदि अस्थमा,c.o.p.d.कोविड़ -19,जैसी बीमारी हो जाती हैं तो फेफडें निर्धारित मात्रा में आक्सीजन अँगों तक नहीं पँहुचा पातें हैं । ओजोन थेरेपी ozone therapy द्धारा ओजोन देनें से फेफड़ो का सूजन कम हो जाता हैं फेफड़ों की कार्यक्षमता सुधरती हैं। और रक्त में आक्सीजन का स्तर सुधरता हैं । ओजोन थेरेपी ozone therapy द्धारा अस्थमा,c.o.p.d.,कोरोनावायरस से खराब हुये फेफड़ो की कार्यक्षमता सुधरती हैं ।

मधुमेह में ओजोन थेरेपी ozone therapy :::


मधुमेह रोगीयों पर ओजोन थेरेपी ozone therapy देनें के बाद हुये अध्ययनों से नतीजा निकला हैं कि ओजोन थेरेपी ozone therapy देनें के बाद Diabetic neuropathy की समस्या नहीं होती हैं । और स्वस्थ व्यक्ति को ओजोन थेरेपी ozone therapy देनें से मधुमेह होनें की संभावना बहुत कम हो जाती हैं ।

प्रतिरोधक क्षमता immunity बढ़ाने में ओजोन थेरेपी ozone therapy :::


 ओजोन थेरेपी ozone therapy के द्धारा शरीर का प्रतिरोधक तंत्र सक्रिय होता हैं । जिससे खतरनाक वायरस और बेक्टेरिया से हमारें शरीर की रक्षा होती हैं ।

एड्स पीड़ित मरीज के अध्ययन के द्धारा यह निष्कर्ष निकाला गया कि ओजोन थेरेपी ozone therapy देनें से वायरस की नई कालोनी विकसित होना बंद हो जाती हैं। जिससे रोगी के स्वस्थ्य होनें की रफ्तार बड़ जाती हैं ।

कोरोनावायरस के रोगी में भी वायरस की नई कालोनी फेफड़ो में विकसित होती हैं अतः ओजोन थेरेपी ozone therapy के द्धारा वायरस की कालोनी का विकास रोका जा सकता हैं ।

कैंसर में ओजोन थेरेपी ozone therapy :::


रक्त मिश्रित ओजोन जब कैंसर प्रभावित कोशिका में जाती हैं तो कैंसर पैदा करनें वाली कोशिकाओं की बढत रोकती हैं और शरीर में ए.टी.पी Adinosin triphosphate का निर्माण करती है जिससे शरीर में  जमा विषाक्त पदार्थ  बाहर निकल जातें हैं ।

दर्द निवारण में ओजोन थेरेपी ozone therapy ::: 


ओजोन थेरेपी ozone therapy में वेरिकोज वेन्स,स्लिप डिस्क, कमर,घुटनों आदि के दर्दों का सफलतापूर्वक निवारण किया जाता हैं । इस तकनीक में ओजोन का इंजेक्शन प्रभावित भाग में दिया जाती हैं जिससे प्रभावित भाग में आक्सीजन सप्लाई बढ जाती हैं और दर्द समाप्त हो जाता हैं । 

ओजोन थेरेपी कैसें दी जाती हैं।


ओजोन गैस यदि सीधे श्वसन तंत्र द्धारा ले ली जाए तो यह श्वसन प्रणाली और फेफड़ो को गंभीर क्षति पहुँचाती हैं जिससे व्यक्ति की मौंत भी हो सकती हैं ।

ओजोन थेरेपी ozone therapy में रोगी को ओजोन देनें का तरीका बिल्कुल ही भिन्न होता हैं ।

1.सीधे रक्त में Intravenous

इस प्रकार की ओजोन थेरेपी ozone therapy में शरीर से रक्त निकालकर उसमें सीमित मात्रा में ओजोन मिलाई जाती हैं और रोग प्रभावित भाग में प्रविष्ट करा दी जाती हैं ।

2.मांसपेशियों में Intramascular

ओजोन में आक्सीजन का मिश्रण करके मांसपेशियों में लगाई जाती हैं ।

सीधे प्रभावित भाग पर


ओजोन को सीधे प्रभावित भाग पर भी लगाया जाता हैं उदाहरण के लिए फोडे को ठीक करनें के लिए,सौन्दर्य निखारने और दर्द मिटानें के लिए सीधे लगाई जाती हैं ।

क्या वास्तव ओजोन थेरेपी प्रभावी हैं ? 


आजकल ओजोन थेरेपी ozone therapy तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं । और इसी कारण यूरोप समेत अमेरिका और भारत में इस पद्धति को मान्यता प्राप्त हो चुकी हैं । 

भारत में ओजोन फोरम आँफ इंडिया चिकित्सकों को प्रशिक्षित कर ओजोन थैरेपी को जनसामान्य तक पहुचानें का कार्य कर रहा हैं ।

सन् 2018 -19 के अध्ययनों के अनुसार ओजोन थेरेपी ozone therapy देनें के बाद रूमेटाइड़ अर्थराइटिस के रोगियों के चलने फिरनें की कार्यक्षमता सुधरती हैं। 

इसी प्रकार ओजोन मिश्रित पानी रूट केनाल के दोरान बेहतर संक्रमणरोधी साबित हुआ हैं ।

ozone therapy ओजोन थेरेपी के दुष्प्रभाव :::

ओजोन गैस तीन आक्सीजन परमाणुओं के मिलनें से बनती हैं जो इसे अस्थिर बनाता हैं इस कारण इसके इस्तेमाल के दौरान बहुत सावधानी की आवश्यकता होती हैं । 

ओजोन गैस हमेशा चाही गई मात्रा में ही इस्तेमाल की जानी चाहिए और निश्चित जगह पर ही प्रयोग की जानी चाहिए । ओजोन सीधे श्वसन तंत्र द्धारा प्रयोग नही की जानी चाहिए ।

ओजोन थेरेपी ozone therapy विशेषज्ञों की देखरेख में ही दी जानी चाहिए और इसके दुष्प्रभाव से निपटनें का पूर्व प्रबंध होना चाहिए ।

ओजोन थेरेपी ozone therapy चिकित्सा विज्ञान के लिए नई तकनीक हैं और इस पर  विस्तृत शोध की आवश्यकता हैं । जिससे आमजन  इस सस्ती चिकित्सा पद्धति से लाभान्वित हो सकें ।






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