सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Dabur stresscom ke fayde aur side effects

 Dabur stresscom ke fayde aur side effects 

डाबर stresscom capsule विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदिक दवा निर्माता कंपनी डाबर का उत्पादन हैं। कंपनी के अनुसार यह उत्पाद न केवल आयुर्वेद चिकित्सकों में बल्कि ऐलोपैथिक चिकित्सकों में भी लोकप्रिय हैं।

डाबर के अनुसार डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल Most trusted brand in stress management का 9 th cims healthcare excellence award 2021 प्राप्त हैं।
डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल के फायदे और साइड इफेक्ट्स, Dabur stresscom capsule ke fayde aur side effects
डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल 


डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल में मौजूद तत्व 

डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल में अश्वगंधा की जड़ का सत होता हैं एक केप्सूल में यह 300 मिली ग्राम होता हैं।

इसके अलावा Dabur stresscom capsule में Presarvative के रूप में methylparaben,propyleparaben आदि मौजूद रहते हैं।

डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल के फायदे

• डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल के क्लिनिकल ट्रायल के दौरान यह सामने आया कि लगातार दो महिने के सेवन से डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल

• तनाव को 64.2% कम कर देता हैं।

• चिंता और घबराहट में 75.6% कमी ला देता हैं।

• अवसादग्रस्त अवस्था को 77% तक ठीक कर देता हैं।

• डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल serum cortisol के स्तर में उल्लेखनीय कमी लाता हैं।

• शरीर के सामान्य क्रियाकलाप को बनाए रखता हैं।

• सबसे बड़ी और उल्लेखनीय बात यह है कि डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल को लम्बे समय तक लेने के बावजूद इसकी लत नहीं लगती।

• डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल में कोई मादक पदार्थ भी नहीं मौजूद होता हैं।

• इसमें किसी भी प्रकार के निद्राजनक पदार्थ नहीं होते हैं लेकिन फिर भी डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल लेने से अच्छी नींद आती हैं ‌।

• डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता हैं।

• Dabur stresscom capsule oil based softgel capsule  होते हैं जो सेवन करने में आसान और पेट में जानें के बाद तुरंत घुलनशील हो जातें हैं।

• डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल उच्च रक्तचाप और तनाव के कारण होने वाले चक्कर पर नियंत्रण रखता हैं।

• डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल तनाव के कारण होने वाली पेट की समस्याओं जैसे एसिडिटी,अपच, हिचकी आदि पर नियंत्रण रखता हैं।

Dabur stresscom capsule ke side effects 

• Dabur stresscom capsule पूर्णतः आयुर्वेदिक और हानिरहित हैं लेकिन फिर इसके सेवन से पूर्व निम्न सावधानी रखनी चाहिए वरना नुकसान हो सकता हैं 

• जिन लोगों को एलर्जी हैं उन्हें डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल लेने से पूर्व चिकित्सक से परामर्श कर लेना चाहिए।

• जिन लोगों को उच्च रक्तचाप, किडनी संबंधी परेशानी या एसिडिटी की समस्या हैं उन्हें भी डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल लेने से पूर्व चिकित्सक से परामर्श कर लेना चाहिए।

• डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल के लेते समय हुए बहुत अधिक मिर्च मसाला, अधिक नमकयुक्त और खट्टा भोजन नहीं करना चाहिए।

स्ट्रैस कम करने के लिए bhringraj hair oil इस लिंक पर क्लिक पर क्लिक करें

Dabur stresscom capsule Dosage

एक केप्सूल सुबह शाम भोजन के बाद गुनगुने दूध के साथ या चिकित्सक के परामर्श अनुसार

Dabur stresscom capsule price

डाबर स्ट्रैसकाम केप्सूल के दस केप्सूल के स्ट्रिप की क़ीमत 50 रूपए हैं जबकि 12 स्ट्रिप के एक बाक्स की कीमत 695 रुपए होती हैं।

यह भी पढ़ें 👇👇👇







टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Corona third wave : से बचने के सबसे बेस्ट तरीके

corona third wave की आहट सुनाई देने लगी हैं और इस corona third wave की चपेट में वो लोग अधिक हैं जिन्होंने corona vaccine की दोनों डोज लगवा ली हैं। दोस्तों एक बात समझना बहुत जरूरी हैं कि कोराना अब आपके बीच बहुत लम्बें समय तक रहने वाला हैं यह अब आप पर निर्भर करता हैं कि आप इस वायरस के प्रति अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं या फिर कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता के साथ कोरोना को आप पर हावी करवाना चाहते हैं। यदि कोरोनावायरस को खतरनाक वायरस से सामान्य फ्लू वायरस के रुप में बदलना हैं तो आपको प्राचीन आयुर्वेद जीवनशैली को हर हाल में अपनाना ही पड़ेगा। तो आईए जानतें हैं 8 बेस्ट तरीकों के बारें में 1.सुबह शाम दोड़ना शुरू करें कोरोनावायरस सबसे ज्यादा श्वसन तंत्र पर हमला करता हैं,कोरोना की दूसरी लहर में में अनेक लोग श्वसन तंत्र फैल हो जानें से मरें थे। ऐसा corona third wave  में न हो इसकी तैयारी हमें पहले से ही करना है।  मैंने अपने निजी अनुभव से देखा हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में खिलाड़ीयों को कोरोना के हल्के लक्षण ही प्रकट हुए थे और कोई भी खिलाड़ी गंभीर रूप से श्वसन तंत्र के संक्रमण से प्रभावित ...

Beauty tips: सर्दियों के लिए ये ब्यूटी टिप्स बहुत काम आएंगे

सर्दियाँ शुरू होतें ही बर्फीली हवाएं त्वचा को रूखा करना शुरू कर देती हैं यदि त्वचा का सही देखभाल इस दोरान नही की गई तो त्वचा को काफी नुकसान पंहुच सकता हैं और त्वता कठोर, फटी फटी सी ,काली झाइयुक्त हो जाती हैं जिसें बाद में सामान्य रूप में बदलना बहुत मुश्किल होता हैं । तो आईयें जानतें हैं 4 miracles ways to look Beautiful In Winter In Hindi ब्यूटी टिप्स सर्दियों में त्वचा की देखभाल कैंसे करें  सर्दियों में ब्यूटी टिप्स 1.सर्दियों में चेहरें की त्वचा की देखभाल कैंसें करें  सर्दियाँ शुरू होतें ही सबसे पहलें यदि कोई त्वचा फटती हैं तो वह हे चेहरे की त्वचा  बहुत नाजुक और संवेदनशील होती हैं । इसलिए इसकी देखभाल भी उसी अनुरूप करनी होती हैं ।  सर्दियाँ शुरू होतें ही चेहरें पर भाप लेना शुरू कर दें ऐसा पूरी सर्दी के दोरान तीन चार बार करें इससे चेहरें की त्वचा पर स्थित मृत कोशिकाएँ आसानी से निकल जाएंगी और स्वस्थ कोशिकाएँ भाप से मुलायम हो जाएगी फलस्वरूप सर्द हवाओं के कारण चेहरें की त्वचा रूखी नही रहेगी ।  सर्दियाँ शुरू होतें ही अच्छी कंपनी के माश्चुराजर साबुन या माश्चुराइ...

*पेट के रोग*

*पेट के रोग* *👉🏻(कब्ज) (वायुविकार, अजीर्ण) हमारे द्वारा भोजन ग्रहण करने के बाद उसका पाचन संस्थान द्वारा पाचन होता है। मुँह में ग्रास के चबाने के साथ ही पाचन क्रिया की शुरूआत हो जाती है। उसके बाद ग्रास नली द्वारा आमाशय में पहुँच कर भोजन के पचने की क्रिया आरंभ होती है। अगर इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की रुकावट होती है। तो फिर भोजन सही ढंग से नहीं पचता तथा अपच होती है और फिर कब्ज होती है। सही ढंग से मल का न निकलता ‘कब्ज़' कहलाता है यह रोग अधिक तनाव के कारण भी होता है। देर रात तक जागने, भोजन कम करने या ज्यादा तला भुना या चिकना भोजन करने से या किसी बिमारी के कारण भी हो सकता है। शोक, दुख, चिन्ता के कारण भी कब्ज हो जाता है। इसमें पेट में गैस बनने लगती है। हवा पास नहीं होती, खट्टी डकारें आती हैं तथा जी मिचलाने लगता है। इसके घरेलु उपचार निम्न हैं।* 1. अदरक की चटनी नमक मिलाकर चाटने से गैस पास होने लगती है। अदरक के रस में नींबू और पुदीने का रस मिलाकर पीने से रोग में आराम मिलता है यदि अवश्यक लगें तो एक दो चम्मच शहद भी मिला सकते हैं।  2. सौंठ + कालीमिर्च + पीपल को बराबर मात्...