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वायरस virus का काम होगा तमाम जब भोजन की थाली में आ जायें कुछ खास Antioxidant

वायरस virus का काम होगा तमाम जब भोजन की थाली में आ जायें कुछ खास Antioxidant हमारें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली हमें रोगों से बचानें का काम करती हैं । लेकिन जब रोगप्रतिरोधक प्रणाली कमज़ोर हो जाती हैं तो शरीर भी रोग का घर बन जाता हैं ।   रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ानें में Antioxidant महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं । Antioxidant शरीर को रोगों से लड़नें के लिये तैयार करतें हैं । Antioxidant प्राप्त करनें के अच्छे स्त्रोंत विटामीन A, विटामीन C,और विटामीन E हैं । आईयें जानतें हैं इनके बारें में विटामीन A vitaminA विटामीन A प्राप्त करनें के दो मुख्य स्त्रोंत हैं प्रथम मांसाहारी पदार्थ और द्धितीय शाकाहारी पदार्थ । जो विटामीन A माँस,दूध से प्राप्त होता हैं वह रेटिनाल के नाम से जाना जाता हैं जबकि जो विटामीन A फल,सब्जी से प्राप्त होता हैं उसे बीटा केरोटीन कहतें हैं । यह केरोटीन एवँ रेटिनाल शरीर में जाकर विटामीन A में बदल जाता हैं । विटामीन A हमारें प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूत करनें वाला महत्वपूर्ण विटामीन हैं । इस विटामीन के सेवन से वायरस जनित रोग हमारें प्रतिरक्षा तंत्र को भ...

बेस्ट मोटिवेशन स्टोरी इन हिन्दी BEST MOTIVATION STORY IN HINDI

   बेस्ट मोटिवेशन स्टोरी इन हिन्दी BEST MOTIVATION STORY IN HINDI   *एक सेठ जी थे, जो दिन-रात अपना काम-धँधा बढ़ाने में लगे रहते थे। उन्हें तो बस, शहर का सबसे अमीर आदमी बनना था। धीरे-धीरे पर आखिर वे नगर के सबसे धनी सेठ बन ही गए।* *इस सफलता की ख़ुशी में उन्होने एक शानदार घर बनवाया। गृह प्रवेश के दिन, उन्होने एक बहुत शानदार पार्टी का आयोजन किया। जब सारे मेहमान चले गए तो वे भी अपने कमरे में सोने के लिए चले आए। थकान से चूर, जैसे ही बिस्तर पर लेटे, एक आवाज़ उन्हें सुनायी पड़ी...* *"मैं तुम्हारी आत्मा हूँ, और अब मैं तुम्हारा शरीर छोड़ कर जा रही हूँ !!"* *सेठ घबरा कर बोले*, *"अरे! तुम ऐसा नहीं कर सकती!!, तुम्हारे बिना तो मैं मर ही जाऊँगा। देखो!, मैंने वर्षों के तनतोड़-परिश्रम के बाद यह सफलता अर्जित की है। अब जाकर इस सफलता को आमोद प्रमोद से भोगने का अवसर आया है। सौ वर्ष तक टिके, ऐसा मजबूत मकान मैने बनाया है। यह करोड़ों रूपये का, सुख सुविधा से भरपूर घर, मैंने तुम्हारे लिए ही तो बनाया है!, तुम यहाँ से मत जाओ।"*    *आत्मा बोली*, *"यह मेरा घर नहीं है,...

शीतला सप्तमी shitla saptmi और स्वास्थ्य health का क्या कनेक्शन हैं

हिन्दू धर्म पूरी तरह से वैज्ञानिक प्रक्रियाओं और प्रकृति के साथ सामंजस्य पर आधारित धर्म हैं । हिन्दू धर्म के समस्त त्योंहारों में मानव कल्याण और प्रकृति कल्याण की भावनायें निहित होती हैं । ऐसा ही एक त्योंहार शीतला सप्तमी का है जो चैत्र माह की सतमी को मनाया जाता हैं ।  शीतला सप्तमी  शीतला सप्तमी का स्वास्थ्य से क्या संबध हैं शीतला सप्तमी का त्योंहार चैत्र माह में मनाया जाता हैं । भारत में यह समय ठंड के मौसम की समाप्ति और गर्मी के मौसम का प्रारंभ माना जाता हैं ।  आयुर्वेद मतानुसार इस मौसम से शरीर में पित्त का प्रकोप बढ़ जाता हैं पित्त के अधिक प्रकोप से शरीर में तीनों दोष असंतुलित होनें लगतें हैं । शीतल पदार्थों के सेवन से यह बढ़ा हुआ पित्त साम्य अवस्था में बना रहता हैं । यही कारण हैं कि इस मौसम के साथ शीतल पदार्थों के सेवन की शुरूआत की जाती हैं । जिससे शरीर निरोगी बना रहें । ० बरगद पेड़ के फायदे • कोरोनावायरस थर्ड वेव से बचने के तरीके

RAINBOW DIET -Fitness फिटनेस का रखना हो ध्यान तो शुरू करें सतरंगी खान पान

Fitness फिटनेस का रखना हो ध्यान तो शुरू करें सतरंगी खान पान मानव जाति ने सभ्यता के आरंभ से ही रंगों को अपनें जीवन में महत्व देना शुरू कर दिया था । यही कारण हैं कि प्रकृति की संरचना और जलवायु अनुसार यह रंग जीवन और संस्कृति में ऐसे रचे बसे की धर्म भी भी इन रंगों के बिना फीके लगनें लगें । यहाँ तक की रंग ही धर्म की पहचान बन गये ।  fitness KE liye diet रंग बिरंगे फूल ,फल, तितलीयाँ मनुष्य के मन को प्रफुल्लित करतें हैं कई बीमारीयों से ग्रसित मनुष्य जब रंग बिरंगी प्रकृति के सानिध्य में जातें हैं तो किसी वैघ ,हकीम या विशेषज्ञ चिकित्सक की आवश्यकता महसूस नही होती हैं । नीलें ,पीलें गुलाबी,केशरिया हरे आदि रंगों से सरोबार यह प्रकृति ही मनुष्य जाति की असली डाँक्टर हैं । रंगों का बुद्धिमतापूर्ण उपयोग कर हम हमारें शरीर को स्वस्थ्य ,सुंदर ,कांतिमय बना सकते हैं । आईयें जानतें हैं किस प्रकार से रंगों के माध्यम से हम fitness का ध्यान रख सकतें हैं । लाल रंग Red colour  लाल रंग ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक हैं । हमारें खून का रंग भी लाल हैं । लाल रंग की कमी से  शरीर कृषकाय...

सारस्वत चूर्ण | saraswat churn benefits in Hindi

सारस्वत चूर्ण saraswat churna benefits in Hindi  सारस्वत चूर्ण घटक द्रव्य ::: 1.कुठ 2.सेन्धा नमक  3.सफेद जीरा  4.कालाजीरा  5.पिप्पली 5.पाठा  6.अश्वगंधा 7.सौंठ 8.अजमोद शंखपुष्पी 9.कालीमिर्च  10.वचस्वरस 11.ब्राम्हीरस उपयोग ::: 1.उन्माद (पागलपन ) 2.मस्तिष्क की दुर्बलता 3.स्मरणशक्ति की कमी  4.मिर्गी अनुपान ::: घी या  शहद से  मात्रा ::: वैधकीय परामर्श से ० बरगद पेड़ के फायदे ० फिटनेस के लिये सतरंगी खान पान ० तनाव क्या हैं ० एलर्जी क्या होती हैं ० fitness के लिये सतरंगी खानपान ० मोतियाबिंद क्या होता हैं ० लक्ष्मी विलास रस ० गूलर के औषधीय प्रयोग ० गंधक के औषधीय गुण ० वायरस क्या होता हैं ० द्राक्षारिष्ट के फायदे • आयुर्वेदिक दवाओं की लिस्ट • हर्बल चाय पीनें के फायदे • नमक के फायदे

गर्भनिरोधक गोली के ऐसे नुकसान जिन्हे जाननें का हैं हर महिला को अधिकार| contraceptive pills KE nuksan

गर्भनिरोधक गोली के ऐसे नुकसान जिन्हे जाननें का हैं हर महिला को अधिकार contraceptive pills KE nuksan  भारत समेत दुनिया के सभी मुल्कों में हार्मोनल गर्भनिरोधक गोली महिलाओं के लियें garbhnirodhak goli  सबसे प्रचलित तरीकों में से एक हैं । गर्भनिरोधक गोली contraceptive pills लेनें की सलाह हर एक उस स्त्री को मिलती हैं जो बच्चा नही चाहती या जिसें बच्चों के जन्म के बीच अंतर रखना हो । भारत जैसें देश में तो बच्चों में अंतर रखनें की पूरी जिम्मेदारी अघोषित रूप से महिलाओं के पास ही हैं । जबकि वास्तविकता और वैज्ञानिक तथ्य यह हैं कि पुरूष गर्भनिरोधन कही बेहतर और आसान गर्भनिरोधक पद्धति हैं । बनिस्बत महिलाओं के । यदि महिला हार्मोनल गर्भनिरोधक गोली contraceptive pills का प्रयोग कर रही हैं तो उनके खतरों को पहलें जान लें उसके बाद ही गर्भनिरोधक गोली का इस्तेमाल शुरू करें । आईयें जानतें हैं गर्भनिरोधक गोली के नुकसान के बारें में डिप्रेसन की समस्या जो महिलायें गर्भनिरोधक गोली का सेवन लगातार करती हैं उन महिलाओं में डिप्रेसन की बीमारी हो जाती हैं । जैसें छोटी - छोटी बातों पर तनाव लेना ।बात...

Laxmi vilas ras Nardiy ke fayde in Hindi लक्ष्मीविलास रस नारदीय के फायदे

लक्ष्मीविलास रस नारदीय laxmi vilas ras nardiy आयुर्वेद चिकित्सा Ayurveda chikitsa में प्रयोग की जानें वाली सर्वमान्य औषधी हैं । लक्ष्मीविलास रस नारदीय के फायदे laxmi vilas ras KE fayde बतानें से पूर्व हम इस औषधी के बारें में चर्चा करना चाहेंगें । लक्ष्मीविलास रस नारदीय laxmi vilas ras nardiy के बारें में भैषज्य रत्नावली में लिखा हैं प्रोक्त:प्रयोगराजोअयं नारदेन महात्मना। रसो लक्ष्मीविलासस्तु वासुदेवे जगत्पतौ।। अभ्यासाद यस्य भगवान लक्षनारीषु वल्लभ:।। अर्थात रसों में श्रेष्ठ लक्ष्मीविलास रस स्वंय स्वंय जगतपति वासुदेव ने उत्पन्न किया हैं और इसके सेवन से भगवान लक्ष्मी नारायण बन गये । यानि यह रस सेवन करनें वाला रोगी व्यक्ति रोगमुक्त होकर भगवान लक्ष्मी नारायण जैसा जीवन व्यतीत करता हैं । लक्ष्मीविलास रस के घटक ::: १. अभ्रक भस्म Abhrak bhasm २.शुद्ध गंधक Shudh gandhak ३.शुद्ध पारा shudh para ४.ताम्र भस्म Tamr bhasm ५.कपूर kapur ६.जायफल Jayfal ७.जावित्री javitri ८.विधारा बीज vidhara beej  ९. शुद्ध धतूरा बीज shudh d...