सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

गर्भनिरोधक गोली के ऐसे नुकसान जिन्हे जाननें का हैं हर महिला को अधिकार| contraceptive pills KE nuksan

गर्भनिरोधक गोली के ऐसे नुकसान जिन्हे जाननें का हैं हर महिला को अधिकार contraceptive pills KE nuksan 
गर्भनिरोधक गोली, contraceptive pill

भारत समेत दुनिया के सभी मुल्कों में हार्मोनल गर्भनिरोधक गोली महिलाओं के लियें garbhnirodhak goli  सबसे प्रचलित तरीकों में से एक हैं । गर्भनिरोधक गोली contraceptive pills लेनें की सलाह हर एक उस स्त्री को मिलती हैं जो बच्चा नही चाहती या जिसें बच्चों के जन्म के बीच अंतर रखना हो ।


भारत जैसें देश में तो बच्चों में अंतर रखनें की पूरी जिम्मेदारी अघोषित रूप से महिलाओं के पास ही हैं । जबकि वास्तविकता और वैज्ञानिक तथ्य यह हैं कि पुरूष गर्भनिरोधन कही बेहतर और आसान गर्भनिरोधक पद्धति हैं । बनिस्बत महिलाओं के ।

यदि महिला हार्मोनल गर्भनिरोधक गोली contraceptive pills का प्रयोग कर रही हैं तो उनके खतरों को पहलें जान लें उसके बाद ही गर्भनिरोधक गोली का इस्तेमाल शुरू करें ।


आईयें जानतें हैं गर्भनिरोधक गोली के नुकसान के बारें में

डिप्रेसन की समस्या

जो महिलायें गर्भनिरोधक गोली का सेवन लगातार करती हैं उन महिलाओं में डिप्रेसन की बीमारी हो जाती हैं । जैसें छोटी - छोटी बातों पर तनाव लेना ।बात बात में झगडा करना ,किसी भी काम में एकाग्रता नही रखना ,मन विचलित होना जैसी समस्या इन महिलाओं में आम हो जाती हैं फलस्वरूप डिप्रेशन का जन्म होता हैं । 

डिप्रेशन की वजह से ही सिरदर्द ,मूड में परिवर्तन भी होता है।


अनियमित मासिक धर्म


गर्भनिरोधक गोली का सेवन करनें वाली महिलायें महिनें के बीच में यदि अपनी गर्भनिरोधक गोली  एक दो दिन के लियें बंद कर देती हैं तो मासिक धर्म पूरी तरह से अनियमित हो जाता हैं । यही नही मासिक धर्म में रक्तसत्राव बहुत अधिक होनें लगता हैं। फलस्वरूप महिला के शरीर में खून की कमी हो जाती हैं । और भविष्य में अनियमित मासिक धर्म की वजह से बच्चें पैदा करनें में भी समस्या पैदा हो जाती हैं । 

इसी प्रकार कभी कभी माहवारी आना बंद भी हो जाती हैं या फिर माहवारी हर माह न आकर दो तीन महिनों में एक बार आती है जिससे महिला अस्वस्थ और मानसिक रूप से परेशान रहती है।


बांझपन

कई महिलाएँ शादी के चार से पाँच वर्ष तक बच्चा नही चाहती हैं । ये महिलायें जब लगातार चार पाँच साल तक गर्भनिरोधक गोली का सेवन करती हैं और इसके बाद  बच्चों के जन्म की planning करती हैं तो अँडा उत्पन्न होनें की प्रक्रिया बंद हो जाती हैं फलस्वरूप गर्भधारण करनें के लियें इन महिलाओं को IVF  तकनीक अपनानी पडती हैं ।



• ब्रेस्ट कैंसर कैसे रोकें महिलाएं

वज़न बढ़ना

गर्भनिरोधक गोली का सेवन करनें वाली कई महिलाओं का वज़न बहुत  तेजी से बढ़नें लगता हैं। तेजी से वज़न बढ़नें के कारण शरीर में अनेक समस्याएँ जैसें साँस फूलना,चक्कर आना ,खुजली चलना,मैथुन क्रिया में चरमोत्कर्ष को प्राप्त न कर पाना आदि पैदा हो जाती हैं ।

• 4 सप्ताह 4 काम और मोटापे का काम तमाम


हार्मोन असंतुलन

गर्भनिरोधक गोली में मिलनें वालें एस्ट्रोजन estrogen और प्रोजेस्टोरोन
के कारण शरीर के दूसरें हार्मोंन जैसें थायराइड,पिट्टयूटरी आदि का चक्र गड़बडा जाता हैं । हार्मोनल चक्र गड़बड़ होनें से महिला लगातार बीमार ही रहती हैं ।  और उसके सामाजिक और पारिवारिक जीवन में बहुत जटिलता पैदा हो जाती हैं ।

रक्त का पीएच मान गड़बड़ हो जाता है


गर्भनिरोधक गोली के लगातार सेवन करने से रक्त का पीएच मान गड़बड़ हो जाता है फलस्वरूप त्वचा संबंधित बीमारी और कैंसर जैसी बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है।

गर्भनिरोधक गोलियों के लगातार सेवन से रक्त का थक्का बनना,डीप वेन थोम्ब्रोसिस जैसी समस्या भी हो सकती हैं।

उच्च रक्तचाप की समस्या

जिन महिलाओं का के पारिवारिक इतिहास में उच्च रक्तचाप हो यदि वे लगातार गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं तो उन्हें भी उच्च रक्तचाप होने की आंशका बढ़ जाती हैं।


एलर्जी 

जिन महिलाओं को कुछ खास दवाओं से एलर्जी होती हैं यदि वे गर्भनिरोधक गोलीयां सेवन करती हैं तो उन्हें भी एलर्जी होने की संभावना बनी रहती है, जिनमें शामिल हैं लगातार उल्टी होना,पेटदर्द होना, आंखें लाल होना, शरीर पर खुजली चलना।


आंखों से कम दिखाई देना

कुछ महिलाएं जो पहले से आंखों से संबंधित बीमारी जैसे आंखों का सुखापन, आंखों से कम दिखाई देना और कांटेक्ट लेंस का प्रयोग करती हैं यदि बिना किसी वैधकीय सलाह से गर्भनिरोधक गोली का सेवन करती हैं तो  आंखों की ये बीमारी और बढ़ सकती हैं।

स्तनों में दर्द

जो महिलाएं हमेशा स्तनों में दर्द की समस्या और ब्रेस्ट कैंसर की आशंका को लेकर चिकित्सक से परामर्श लेती रहती है लेकिन हर बार जांच में परिणाम सामान्य आता है और यदि वह गर्भनिरोधक गोली का सेवन कर रही है तो उन्हें स्तनों में दर्द गर्भनिरोधक गोली से भी होने की संभावना रहती है। 


पिंडलियों में दर्द

गर्भनिरोधक गोली के सेवन के बाद बहुत सी महिलाएं पिंडलियों में दर्द की शिकायत करती अतः ऐसी समस्या होने पर गर्भनिरोधक गोली का इस्तेमाल बंद कर दूसरे गर्भनिरोधक उपायों के बारे में सोचें



यदि आपको पहले से कोई गंभीर समस्या जैसे

• मोटापा


• थाइराइड


• कैंसर

• थ्रोम्बोसिस


• अधिक उम्र

• मिर्गी की बीमारी

• त्वचा संबंधित कोई बीमारी

• माइग्रेन से पीड़ित 

• स्तनों में खिंचाव

• चालीस वर्ष से अधिक उम्र

हो तो गर्भनिरोधक गोली के सेवन से पूर्व अपने गायनेकोलॉजिस्ट से परामर्श अवश्य प्राप्त कर लें। 


यहां भी पढें 👇

• आईवीएफ ट्रीटमेंट की जानकारी

• मिफ्रोस्टोल और मिसोप्रोस्टोल टेबलेट

• गर्भावस्था के प्रथम तीन माह के दौरान करने वाले योगासन

• ग्रीन टी पीनें के फायदे

• शादी के पहले के मेडिकल टेस्ट

• महिलाएं अपनी कामेच्छा कैसे बढ़ाएं

• आयुर्वेदिक औषधि लोध्रासव के फायदे

• स्तनपान कराने वाली महिलाओं की प्रमुख समस्याएं


गर्भनिरोधक गोली कब लेना चाहिए

गर्भनिरोधक गोली हार्मोन्स पिल्स होती हैं अतः बेहतर परिणाम और अनचाहे गर्भ से से बचाव के लिए गर्भनिरोधक गोली का सेवन रात को सोने से दो घंटे पहले करना चाहिए।

किंतु ध्यान रहे गर्भनिरोधक गोली खाने के दो घंटे पूर्व भोजन जरूर कर लें।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Corona third wave : से बचने के सबसे बेस्ट तरीके

corona third wave की आहट सुनाई देने लगी हैं और इस corona third wave की चपेट में वो लोग अधिक हैं जिन्होंने corona vaccine की दोनों डोज लगवा ली हैं। दोस्तों एक बात समझना बहुत जरूरी हैं कि कोराना अब आपके बीच बहुत लम्बें समय तक रहने वाला हैं यह अब आप पर निर्भर करता हैं कि आप इस वायरस के प्रति अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं या फिर कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता के साथ कोरोना को आप पर हावी करवाना चाहते हैं। यदि कोरोनावायरस को खतरनाक वायरस से सामान्य फ्लू वायरस के रुप में बदलना हैं तो आपको प्राचीन आयुर्वेद जीवनशैली को हर हाल में अपनाना ही पड़ेगा। तो आईए जानतें हैं 8 बेस्ट तरीकों के बारें में 1.सुबह शाम दोड़ना शुरू करें कोरोनावायरस सबसे ज्यादा श्वसन तंत्र पर हमला करता हैं,कोरोना की दूसरी लहर में में अनेक लोग श्वसन तंत्र फैल हो जानें से मरें थे। ऐसा corona third wave  में न हो इसकी तैयारी हमें पहले से ही करना है।  मैंने अपने निजी अनुभव से देखा हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में खिलाड़ीयों को कोरोना के हल्के लक्षण ही प्रकट हुए थे और कोई भी खिलाड़ी गंभीर रूप से श्वसन तंत्र के संक्रमण से प्रभावित ...

Beauty tips: सर्दियों के लिए ये ब्यूटी टिप्स बहुत काम आएंगे

सर्दियाँ शुरू होतें ही बर्फीली हवाएं त्वचा को रूखा करना शुरू कर देती हैं यदि त्वचा का सही देखभाल इस दोरान नही की गई तो त्वचा को काफी नुकसान पंहुच सकता हैं और त्वता कठोर, फटी फटी सी ,काली झाइयुक्त हो जाती हैं जिसें बाद में सामान्य रूप में बदलना बहुत मुश्किल होता हैं । तो आईयें जानतें हैं 4 miracles ways to look Beautiful In Winter In Hindi ब्यूटी टिप्स सर्दियों में त्वचा की देखभाल कैंसे करें  सर्दियों में ब्यूटी टिप्स 1.सर्दियों में चेहरें की त्वचा की देखभाल कैंसें करें  सर्दियाँ शुरू होतें ही सबसे पहलें यदि कोई त्वचा फटती हैं तो वह हे चेहरे की त्वचा  बहुत नाजुक और संवेदनशील होती हैं । इसलिए इसकी देखभाल भी उसी अनुरूप करनी होती हैं ।  सर्दियाँ शुरू होतें ही चेहरें पर भाप लेना शुरू कर दें ऐसा पूरी सर्दी के दोरान तीन चार बार करें इससे चेहरें की त्वचा पर स्थित मृत कोशिकाएँ आसानी से निकल जाएंगी और स्वस्थ कोशिकाएँ भाप से मुलायम हो जाएगी फलस्वरूप सर्द हवाओं के कारण चेहरें की त्वचा रूखी नही रहेगी ।  सर्दियाँ शुरू होतें ही अच्छी कंपनी के माश्चुराजर साबुन या माश्चुराइ...

*पेट के रोग*

*पेट के रोग* *👉🏻(कब्ज) (वायुविकार, अजीर्ण) हमारे द्वारा भोजन ग्रहण करने के बाद उसका पाचन संस्थान द्वारा पाचन होता है। मुँह में ग्रास के चबाने के साथ ही पाचन क्रिया की शुरूआत हो जाती है। उसके बाद ग्रास नली द्वारा आमाशय में पहुँच कर भोजन के पचने की क्रिया आरंभ होती है। अगर इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की रुकावट होती है। तो फिर भोजन सही ढंग से नहीं पचता तथा अपच होती है और फिर कब्ज होती है। सही ढंग से मल का न निकलता ‘कब्ज़' कहलाता है यह रोग अधिक तनाव के कारण भी होता है। देर रात तक जागने, भोजन कम करने या ज्यादा तला भुना या चिकना भोजन करने से या किसी बिमारी के कारण भी हो सकता है। शोक, दुख, चिन्ता के कारण भी कब्ज हो जाता है। इसमें पेट में गैस बनने लगती है। हवा पास नहीं होती, खट्टी डकारें आती हैं तथा जी मिचलाने लगता है। इसके घरेलु उपचार निम्न हैं।* 1. अदरक की चटनी नमक मिलाकर चाटने से गैस पास होने लगती है। अदरक के रस में नींबू और पुदीने का रस मिलाकर पीने से रोग में आराम मिलता है यदि अवश्यक लगें तो एक दो चम्मच शहद भी मिला सकते हैं।  2. सौंठ + कालीमिर्च + पीपल को बराबर मात्...