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Rainy season :: ह्रदयरोगी ये सावधानियां जरुर रखें

Rainy season :: ह्रदयरोगी ये सावधानियां जरुर रखें  Rainy season यानि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और इसके साथ ही वातावरण में उमस नमी और ठंडाई घुल जाती हैं। ह्रदयरोग विशेषज्ञों की मानें तो बरसात से लेकर ठंड की शुरुआत तक जाती में दर्द,एंजाइना, ह्रदयरोग के बहुत अधिक मामले प्रकाश में आते हैं।  ऐसे निम्न कारणों से होता है । • बरसात में यदि कोई ह्रदयरोगी, उच्च रक्तचाप का मरीज, मधुमेह रोगी लम्बें समय तक गीला होता है तो शरीर में ठंड उतर जाती हैं।  फलस्वरूप ह्रदय की धमनियां सिकुड़ जाती है और ह्रदय को अधिक क्षमता से कार्य करना पड़ता हैं। जब ह्रदय अधिक कार्यक्षमता से काम करता है तो रक्तचाप बढ़ जाता है और ह्रदयरोग के ओर गंभीर होने की संभावना बन जाती है । दूसरे शब्दों में कहें तो heart attack आनें की संभावना होती है। • बरसात के मौसम में उमस अधिक होने और पसीना अधिक निकलने के कारण रक्त गाढ़ा होने और रक्त का थक्का बनने की संभावना बहुत अधिक होती हैं ।  • लम्बें समय तक बरसात होने से शारीरिक गतिविधि नहीं हो पाती ऐसा उन बुजुर्गों के साथ अधिक होता है जो सुबह शाम मार्निंग वाक के लिए पा...

सितोपलादि चूर्ण के फायदे । sitopladi churna ke fayde

सितोपलादि चूर्ण के फायदे । sitopladi churna ke fayde  सितोपलादि चूर्ण के घट़क (content) ::: ० सितोपला (sitopla). ० वंशलोचन (vanshloshan). ० पिप्पली (pipali). ० एला.(ela). ० दालचीनी (cinnamon).  सीतोपलादि चूर्ण रोगाधिकार (indication) या सितोपलादि चूर्ण के फायदे ::: ० कास (cough). ० पित्त श्वास. (Dry asthma). ० ज्वर (fever). ० हाथ पैरो की जलन (hand's feet burning). ०पीठ में दर्द (backache). ०  क्षय रोग (Tuberculosis). ० उर्धगत रक्त पित्त. ० अटोचक. मात्रा (Dosage) ::: घी या  शहद  के साथ वैघकीय परामर्श से. हरीतकी चूर्ण (Haritaki churna) ::: घट़क (content) ::: ० हरड़ फल. रोगाधिकार (indication) या हरीतकी चूर्ण के फायदे ::: ० नेत्र रोगों में (eye Disease). ० अर्श (piles). ० रसायन. ० अतिसार (Diarrhoea). ० अजीर्ण (indigation). ० प्रमेह या  मधुमेह (Diabetes). ० मोतीक्षरा (Typhoid). ० कब्ज (constipation). मात्रा (Dosage) ::: शहद  या जल के साथ वैघकीय परामर्श से. ० तुलसी ० पलाश वृक्ष के औषधीय गुण ० पंचनिम्ब चूर्ण ० गिलोय के फायदे ० चुकंदर के फायदे • इंजेक्शन मोनो...

पोलियो क्या है । what is polio in hindi

 पोलियो (poliomyelitis) क्या हैं ? बताइये  what is polio in Hindi  पोलियो माइलाइटिस विषाणु (poliomyelitis) से होनें वाला तीव्र संक्रामक रोग हैं, जो शून्य से पाँच साल तक के बच्चों में फैलता हैं.पोलियो वायरस polio virus matr manusyo ko hi prabhavit karta hai मात्र मनुष्यों को ही प्रभावित करता हैं.यह वायरस बच्चों में  रीढ़ की हड्डी के माध्यम से मस्तिष्क मे पहुँच जाता हैं,और बच्चें का एक पाँव या दोनों पाँव पक्षाघात से ग्रस्त हो जातें हैं. यघपि  विश्व स्वासथ संगठन (W.H.O.)  भारत को पोलियो मुक्त घोषित कर चुका हैं.परन्तु अनेक अल्पविकसित राष्ट्रों की यह प्रमुख समस्याओं में से एक हैं. पोलियो कैसें फेलता हैं ? how to spread polio in Hindi ० पोलियो प्रभावित व्यक्ति के मल से . ० पोलियो प्रदूषित जल से. ० प्रदूषित भोजन से . स्तनपान के बारें में जानियें यहाँ पोलियो कितनें प्रकार का होता हैं ? Types of polio in Hindi पोलियो मुख्यत तीन प्रकार का होता हैं :: ० PV - 1 यह पोलियो  वायरस सर्वाधिक खतरनाक किस्म का होता हैं,जिसमें होनें वाला पक्षाघात अत्यन्त कष्ट़दायक होता है...

Corona Vaccine : वो सभी जानकारी जो आपको जानना चाहिए

Corona Vaccine  कोविशील्ड़ Covishield कोविशील्ड़ ब्रिटेन की एस्ट्रोजेनेका और भारत की सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित कोरोना वायरस प्रतिरोधी वैक्सीन है । कोविशील्ड़ ChAdoxInCov 19 Recombinant तकनीक पर आधारित टीका हैं जिसे चिंपाजी के शरीर में पाए जाने वाले एडिनो वायरस [जो मानव शरीर में प्रतिकृति नहीं बना पाते] और SARS Cov 19 वायरस के स्पाइक प्रोटीन [जो मानव भ्रूणीय गुर्दे पर आनुवांशिक रूप से परिवर्तित कर] (Genetically modified) तैयार किया जाता है। एशिया,अफ्रीका और यूरोप में हुए परीक्षणों के आधार पर कोविशील्ड़ कोरोनावायरस के प्रति प्रभावकारी साबित हुई और इसने कोरोनावायरस की घातकता से बचाकर जीवन की रक्षा की है।  कोविशील्ड़ का प्रभाव • कोविशील्ड़ टीके के पहले डोज के बाद दूसरे डोज में 6 सप्ताह से कम समय का अंतर रखने पर टीके का प्रभाव 53.28 प्रतिशत पाया गया । • जिन लोगों को प्रथम खुराक के बाद टीके की दूसरी खुराक के बीच अंतराल 40 से 60 दिन रखा गया उनमें टीके की प्रभाविता 51.08 प्रतिशत पाई गई । • जिन लोगों को टीके की प्रथम खुराक के बाद दूसरी खुराक में 9 से 11 सप्ताह का अंतर र...

बाकुची के फायदे। Bakuchi ke fayde

बाकुची के फायदे । Bakuchi ke fayde बाकुची के पौधे बरसात में सामान्यतः उगते हैं । Bakuchi ke podho की लम्बाई एक से लेकर चार फीट तक होती हैं । बाकुची की डाली सीधी और पत्ते ग्वार के पत्तों के सदृश्य होते हैं । बाकुची के पत्तों के कोनों में से तीन इंच लम्बे ऊंगली के समान डंठल निकलते हैं और इनके ऊपर गहरे बैंगनी रंग के फूल निकलते हैं। बाकुची bakuchi के फूलों का आकार तुलसी की मंजरी के समान होता हैं । बाकुची के पौधे का चित्र बाकुची के फूलों में से पतली तोते के समान फलियां निकलती हैं जो पकने पर काली पड़ जाती हैं । इन फलियों में बीज भी काले रंग के निकलते हैं ।  1.बाकुची के फायदे सफेद दाग में 2.गठान होनें पर बाकुची के फायदे 3.दाद खाज में बाकुची के फायदे 4.बालों के लिए बाकुची के फायदे 5.पीलिया होनें पर बाकुची के फायदे 6.दांतों की सड़न रोकनें में बाकुची के फायदे 7.दस्त रोकनें में बाकुची के फायदे 8.त्वचा के कैंसर को रोकनें में बाकुची के फायदे बाकुची का संस्कृत नाम  सोमराज,कृष्णफल,कुष्ठनाशिनी,सोमवल्ली बाकुची का हिन्दी नाम बावर्ची,बकुची बाकुची का लेटिन नाम Psoralea corylifolia सोरेलिया कोरिली...

भारत में सामने आया Yellow Fungus का पहला केस

भारत में सामने आया Yellow Fungus का पहला केस     ब्‍लैक और व्‍हाइट फंगस के बाद अब देश में एक और नए फंगस ने दस्‍तक दे दी है. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में येलो फंगस का पहला मामला सामने आया है.   पूरा देश पहले ही कोविड-19 (Covid-19) की दूसरी लहर और उसके बाद आए ब्‍लैक फंगस (Black Fungus) एवं व्‍हाइट फंगस (White Fungus) से त्रस्‍त है. वहीं अब देश में येलो फंगस (Yellow Fungus) ने भी दस्‍तक दे दी है. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) में येलो फंगस का पहला मामला सामने आया है. येलो फंगस का शिकार हुए इस मरीज का फिलहाल गाजियाबाद के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है.  ये हैं Yellow Fungus के लक्षण   विशेषज्ञों ने इस फंगस के लक्षण भी बता दिए हैं. येलो फंगस के मरीज को सुस्ती, भूख कम होना या बिल्कुल भूख न लगने जैसे शुरुआती लक्षण आते हैं. साथ ही मरीज का वजन भी कम होने लगता है. वहीं गंभीर मामलों में मवाद आने, घावों के धीमी गति से ठीक होने, कुपोषण, अंगों का काम करना बंद करने जैसे स्थिति पैदा हो जाती है. इसके मरीज की आंखें भी अंदर धंस जाती हैं.  बाकी दोनों फंग...