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स्तनपान [Breastfeeding] कराने वाली माताओं में स्तनों की समस्या और उसका समाधान

स्तनपान [Breastfeeding] कराने वाली माताओं में स्तनों की समस्या और उसका समाधान  स्तन चूचक में दुखन एवं दरारें, स्तन में सूजन एवं दर्द, स्तनों का संक्रमण, दुग्ध स्राव कम होना आदि प्रसव उपरांत स्तनों की प्रायः होने वाली समस्याएँ हैं। यह समस्याएँ गलत ढंग से स्तनपान कराने के कारण हो सकती हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि स्तनपान कराने के सही ढंग के बारे में जानकारी हो । स्तनपान का सही तरीका क्या हैं  • बच्चे को ठीक स्थिति में रखें और ठीक तरीके से स्तन से लगाएँ । • बच्चे को स्तन के सामने अपने समीप पकड़ें, जिससे बच्चे की गर्दन व शरीर सीधा हो और सहारा मिले। • बच्चे को दिन रात, बार-बार स्तनपान कराना चाहिए, जितनी बार और जितनी देर वह चाहे 24 घण्टे में कम से कम 8 बार स्तनपान कराना चाहिए। • बच्चे को दूसरे स्तन से स्तनपान कराने से पहले उसे पहले स्तन से पूरा दूध पी लेने दें। बच्चे को सही ढंग से स्तन से कैसे लगाएं? • बच्चे के निचले होंठ पर स्तन चूचक से गुदगुदी करें ताकि वह मुँह खोल दे • जैसे ही बच्चे का पूरा मुँह खुले, शीघ्रता से बच्चे को स्तन से लगाएँ। • बच्चे के मुँह में केवल स्तन चूचक ही नहीं...

गुड़मार के औषधीय गुण, खेती और परिचय। Gymnema sylvestre

गुड़मार। Gymnema sylvestre गुड़मार का कुल  : Asclepiadaceae गुड़मार का आयुर्वेदिक नाम : मेषश्रृंगी गुड़मार का संस्कृत नाम : मधुनाशिनी, शार्दूनिका, विषाणी गुड़मार का हिन्दी नाम : गुड़मार  गुड़मार का यूनानी नाम : गुड़मार बूटी गुड़मार का चीनी नाम : Chigeng teng गुड़मार का अंग्रेजी नाम : Gymnema, Australian cowplant, Periploca of the woods, Miracle plant, Sugar destroyer गुड़मार का वैज्ञानिक नाम: Gymnema sylvestre  गुड़मार की रासायनिक संरचना  गुड़मार की पत्तियों में oleannine तथा dammarene श्रेणी के triterpene saponin पाये जाते हैं। गुड़मार में पाये जाने वाले रासायनिक अवयवों में सर्वाधिक गुणकारी अवयव जिम्नेमिक एसिड (Gymnemic acid) तथा गुड़मारिन (Gudmarin) हैं।  इनके अतिरिक्ति इसमें विभिन्न प्रकार के gymnemasites, flavones, anthraquinones, hentriacontane, pentatriacontane, a & B- chlorophylls, phytin, resins, a quercetol, lupeol, stigmasterol, choline, betaine, gymnemagenins, B amyron से संबंधित ग्लूकोसाइड्स, टार्टरिक एसिड, फार्मिक एसिड, ब्यूटिरिक एसिड तथा कैल्शि...

5 तरीकों से आप फलों और सब्जियों से अधिक पोषण प्राप्त करेंगे ।5 Tricks for getting enough fruits and vegetables

 फल और सब्जियां जीवन के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन फल और सब्जियों को आहार में शामिल करना दिनोदिन मुश्किल हो रहा हैं चाहतें हुए भी आप और आपके बच्चों के लिए फल और सब्जियों की पर्याप्त मात्रा मिलना मुश्किल हो रहा हैं। प्रोड्यूस फॉर बेटर हेल्थ फाउंडेशन की 2020 स्टेट ऑफ द प्लेट रिपोर्ट के अनुसार, पोषण विशेषज्ञों की सलाह की अधिक फल और सब्जियां खाएं के बावजूद पिछले छह वर्षों में खपत में गिरावट आई है। 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वयस्क, जो आमतौर पर सबसे अधिक फल और सब्जियां खाते हैं, में सबसे महत्वपूर्ण गिरावट देखी गई है। सब्जियों और फलों का समुचित सेवन किसी भी उम्र के व्यक्तियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि फल और सब्जियों में मौजूद पोषक तत्व और फायबर बीमार होने से बचाते हैं। अमेरिकी स्वास्थ्य और पोषण विशेषज्ञों का कहना हैं कि जैसे जैसे उम्र बढ़ती हैं वैसे वैसे व्यक्ति में ह्रदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा जैसी बीमारियों की संभावना बढ़ती जाती हैं। किन्तु आहार में सब्जियों और फलों की पर्याप्त मात्रा इन बीमारियों से बचाती हैं और शरीर को पोषण देने के साथ रो...

खस [vetiver grass] की खेती और औषधीय गुणों की जानकारी

  खस [vetiver grass] की खेती और औषधीय गुणों की जानकारी  खस का वैज्ञानिक नाम  [Vetiveria zizanioides (L.) Nash] Syn. Chrysopogon zizanioides (L.) Roberty कुल : Poaceae संस्कृत नाम : वीरा अंग्रेजी नाम :vetiver grass ,vetiveria उपयोगी भाग : जड़  रासायनिक अवयव इस पौधे में पाये जाने वाले रासायनिक अवयवों में vetiverol, vetiverone, o तथा B vetivone, vetivene, vetivazulene, vetiveryl, vetiverate, vetiveryl acetate, valerenol. valencene, furfural, khusimene, khusimone, khusimol, iso khusimol, celarene, celacorene, 3-epizizanol, 5-epiprezizone, a-longipinene, B-humulene, Y-selinine, ō salinine, ð-cadinene, nootkatone तथा terpinen-4-ol प्रमुख हैं। खस के गुण इसकी जड़े बारीक संरचना वाली बहुत मजबूत तथा लम्बी होती हैं। इसके कारण ये मिट्टी को पकड़ कर रखती है। ये जल के सतही अपवाह (surface run off) को नियंत्रित कर भूमि में जल अवशोषण (infiltration) में वृद्धि करती हैं तथा सतह वाष्पीकरण (evaporation) को भी कम करती हैं। साथ ही इसकी जड़ों ने मृदा में विद्यमान भारी धातुओं के अवशोषण का विशे...

NUTRELA WEIGHT GAIN PATANJALI KE FAYDE, NUKSAN AUR REVIEW

NUTRELA WEIGHT GAIN PATANJALI KE FAYDE NUKSAN AUR REVIEW Nutrela weight gain patanjali इस श्रृंखला में आज हम NUTRELA WEIGHT GAIN KE FAYDE AUR NUKSAN की चर्चा करेंगे 1.NUTRELA WEIGHT GAIN  पतंजलि आयुर्वेद का न्यूट्रेला वेट गेन दुबले पतले लोगों और बाडी बिल्डिंग के इच्छुक ऐसे व्यक्तियों को ध्यान में रखकर बनाया गया हैं जो पूर्णतः शाकाहारी तरीके से वजन बढ़ाना और बाडी बिल्डिंग करना चाहते हैं। न्यूट्रेला वेट गेन 2.NUTRELA WEIGHT GAIN INGREDIENTS  1.Soya protein isolate ke fayde न्यूट्रेला वेट गेन पावडर में सोया प्रोटीन आइसोलेट होता हैं यह प्रोटीन सोयाबीन से निकाला जाता हैं पूर्णतः शाकाहारी होता हैं और सबसे उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता हैं। सोया प्रोटीन न्यूट्रेला वेट गेन में क्यों मिला होता हैं यदि इसके स्वास्थ्य लाभ की बात करें तो पता चलता है कि • रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार सोया प्रोटीन हड्डियों को मजबूत बनाता हैं जिससे मांसपेशियां मजबूत होकर लम्बे समय तक मजबूत बनी रहती हैं। • सोया प्रोटीन शरीर के हार्मोन संतुलन को सही रखने के साथ शरीर के क्रियाकलाप को व्यवस्थित रखता हैं। • सोया प्...

PATANJALI DANT KANTI VS VICCO VAJRADANTI | पतंजलि दंत कांति फायदेमंद है या विको वज्रदंती

 PATANJALI DANT KANTI VS VICCO VAJRADANTI  ये दोनों आयुर्वेदिक उत्पाद हैं और दोनों प्रतिष्ठित कंपनियों के उत्पाद हैं किन्तु उपभोक्ता पतंजलि दंत कांति ले या विको वज्रदंती ले इस विषय पर आज हम विस्तृत विश्लेषण करने वाले हैं। पतंजलि दंत कांति के फायदे  Patanjali Dant kanti पूर्णतः स्वदेशी और आयुर्वेदिक औषधि की श्रेणी का उत्पाद हैं जिसमें निम्नलिखित तत्व मौजूद होते हैं और इन तत्वों के फायदे नुकसान भी जानिए 1.अकरकरा  Anacyclus Pyrethrum  पतंजलि दंत कांति के प्रति 10 ग्राम टूथपेस्ट में 20 मिली ग्राम अकरकरा की जड़ का रस मिला होता हैं। • आयुर्वेद चिकित्सा में अकरकरा वर्षों से दांतों की समस्या और गले के संक्रमण को दूर करने के लिए प्रयोग किया जाता रहा हैं। • अकरकरा में N - alkylamides नामक एल्कलॉइड होता हैं यह तत्व दांतों के दर्द, मसूड़ों की सूजन और मुंह से दुर्गंध दूर करता हैं। • N- alkylamides जिसे Pellitorin भी कहते हैं खून का थक्का बनने में मदद करता अतः दंत कांति में मौजूद अकरकरा पायरिया के कारण मसूड़ों से निकलने वाले खून का रिसाव नियंत्रित करता हैं। 2.नीम Azadirachta ...