सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

HOW TO BOOST IMMUNITY POWER WITH AYURVEDA

इम्यूनिटी::-



हमारें शरीर में रोगों से लड़नें की प्राक्रतिक प्रतिरोधकता विधमान रहती है,यदि शरीर बीमार पड़ता हैं,तो यह प्रतिरोधकता हमारें शरीर की बीमारीयों से लड़ने में मदद करती हैं.किंतु पिछलें दशकों में हमारी जीवनशैली (lifestyle) में आये बदलाव ने हमारी प्रतिरोधकता को बुरी तरह से प्रभावित किया हैं.



इसे इस प्रकार समझा जा सकता हैं कि शरीर बाहरी बीमारीयों से लड़नें के बजाय अपनें खुद के शरीर से लड़नें लगा हैं, यही कारण हैं कि आज हर दस व्यक्तियों में से चार व्यक्ति ऑटो इम्यून ड़िसीज़ जैसे एलर्जी, Rumetoid arthritis,asthma बार बार बीमार होना और अन्य इस तरह की बीमारीयों से जकड़ा हुआ हैं कि उसका डाँक्टर और केमिस्ट से मिलना रोज़ की बात हो गई हैं.किन्तु वास्तविकत में यदि हम आयुर्वैद और योग की सहायता से जीवन का प्रबंधन करें तो काफी खुशहाल और रोगमुक्त जीवन जी सकतें हैं.आईयें जानतें है,इम्यूनिटी बढ़ानें वाले उपाय

योग::-



१.सुबह उठते ही नित्यकर्मों से निवृत्त होकर योगिक क्रियाएँ अवश्य करें योग क्रियाओं में सबसे महत्वपूर्ण आसन सूर्य नमस्कार है जो इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाता है.सूर्य नमस्कार की बारह मुद्राँए होती हैं ये बारह मुद्रा शरीर को सूर्य जितना तेजोमय बना देती हैं.

आहार::-


२.सुबह नाश्तें में सूखें मेवे के साथ अंकुरित अनाज ज़रूर लें.


३.गेंहू के जवारे का जूस प्रतिदिन आधा कप ज़रूर लेते रहें.


४.च्वयनप्राश एक चम्मच प्रतिदिन लें.


५.सोया दूध का सेवन सुबह शाम करें.


६.मैथी को पीसकर पेस्ट बना लें इस पेस्ट को चट़नी की भाँति भोजन में शामिल करें.


८.भोजन में हल्की सुपाच्य वस्तुओं का सेवन करें.

औषधि::-



आयुर्वैद चिकित्सा में कुछ महत्वपूर्ण औषधियों का वर्णन हैं जो रोग प्रतिरोधकता को बढाती हैं जैसे शिलाजित, अश्वगंधा,पुनर्नवा इनका नियमित सेवन करतें रहना चाहियें.

शंख चिकित्सा::-



रात को सोते समय शंख में जल भरकर रख दें सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर शंख में भरे जल को पीले और शंख को मुँह से बजायें रोज़ सुबह शाम दस मिनिट तक यह प्रक्रिया करतें रहनें से इम्यून सिस्टम बहुत मज़बूत हो जाता प्रयोगों से यह बात सिद्ध हो चुकी हैं.


मिट्टी लेपन::-



काली या मुलतानी मिट्टी में गोमूत्र मिलाकर इसे सम्पूर्ण शरीर पर लगाकर एक घंटे तक धूप स्नान करें फिर स्वच्छ जल से स्नान करें यह भी इम्यूनिटी बढ़ानें का सिद्ध नुस्खा हैं.

अग्नि स्नान::-



अग्नि स्नान चिकित्सा साधु सन्यासियों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं इसमें आग के बीचोंबीच घंटो तक एक मुद्रा में बैठकर साधना की जाती हैं यह चिकित्सा कई आँटो इम्यून बीमारीयों को जड़ मूल से समाप्त करनें का शर्तिया इलाज़ हैं.
वैघकीय परामर्श आवश्यक





टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Corona third wave : से बचने के सबसे बेस्ट तरीके

corona third wave की आहट सुनाई देने लगी हैं और इस corona third wave की चपेट में वो लोग अधिक हैं जिन्होंने corona vaccine की दोनों डोज लगवा ली हैं। दोस्तों एक बात समझना बहुत जरूरी हैं कि कोराना अब आपके बीच बहुत लम्बें समय तक रहने वाला हैं यह अब आप पर निर्भर करता हैं कि आप इस वायरस के प्रति अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं या फिर कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता के साथ कोरोना को आप पर हावी करवाना चाहते हैं। यदि कोरोनावायरस को खतरनाक वायरस से सामान्य फ्लू वायरस के रुप में बदलना हैं तो आपको प्राचीन आयुर्वेद जीवनशैली को हर हाल में अपनाना ही पड़ेगा। तो आईए जानतें हैं 8 बेस्ट तरीकों के बारें में 1.सुबह शाम दोड़ना शुरू करें कोरोनावायरस सबसे ज्यादा श्वसन तंत्र पर हमला करता हैं,कोरोना की दूसरी लहर में में अनेक लोग श्वसन तंत्र फैल हो जानें से मरें थे। ऐसा corona third wave  में न हो इसकी तैयारी हमें पहले से ही करना है।  मैंने अपने निजी अनुभव से देखा हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में खिलाड़ीयों को कोरोना के हल्के लक्षण ही प्रकट हुए थे और कोई भी खिलाड़ी गंभीर रूप से श्वसन तंत्र के संक्रमण से प्रभावित ...

Beauty tips: सर्दियों के लिए ये ब्यूटी टिप्स बहुत काम आएंगे

सर्दियाँ शुरू होतें ही बर्फीली हवाएं त्वचा को रूखा करना शुरू कर देती हैं यदि त्वचा का सही देखभाल इस दोरान नही की गई तो त्वचा को काफी नुकसान पंहुच सकता हैं और त्वता कठोर, फटी फटी सी ,काली झाइयुक्त हो जाती हैं जिसें बाद में सामान्य रूप में बदलना बहुत मुश्किल होता हैं । तो आईयें जानतें हैं 4 miracles ways to look Beautiful In Winter In Hindi ब्यूटी टिप्स सर्दियों में त्वचा की देखभाल कैंसे करें  सर्दियों में ब्यूटी टिप्स 1.सर्दियों में चेहरें की त्वचा की देखभाल कैंसें करें  सर्दियाँ शुरू होतें ही सबसे पहलें यदि कोई त्वचा फटती हैं तो वह हे चेहरे की त्वचा  बहुत नाजुक और संवेदनशील होती हैं । इसलिए इसकी देखभाल भी उसी अनुरूप करनी होती हैं ।  सर्दियाँ शुरू होतें ही चेहरें पर भाप लेना शुरू कर दें ऐसा पूरी सर्दी के दोरान तीन चार बार करें इससे चेहरें की त्वचा पर स्थित मृत कोशिकाएँ आसानी से निकल जाएंगी और स्वस्थ कोशिकाएँ भाप से मुलायम हो जाएगी फलस्वरूप सर्द हवाओं के कारण चेहरें की त्वचा रूखी नही रहेगी ।  सर्दियाँ शुरू होतें ही अच्छी कंपनी के माश्चुराजर साबुन या माश्चुराइ...

*पेट के रोग*

*पेट के रोग* *👉🏻(कब्ज) (वायुविकार, अजीर्ण) हमारे द्वारा भोजन ग्रहण करने के बाद उसका पाचन संस्थान द्वारा पाचन होता है। मुँह में ग्रास के चबाने के साथ ही पाचन क्रिया की शुरूआत हो जाती है। उसके बाद ग्रास नली द्वारा आमाशय में पहुँच कर भोजन के पचने की क्रिया आरंभ होती है। अगर इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की रुकावट होती है। तो फिर भोजन सही ढंग से नहीं पचता तथा अपच होती है और फिर कब्ज होती है। सही ढंग से मल का न निकलता ‘कब्ज़' कहलाता है यह रोग अधिक तनाव के कारण भी होता है। देर रात तक जागने, भोजन कम करने या ज्यादा तला भुना या चिकना भोजन करने से या किसी बिमारी के कारण भी हो सकता है। शोक, दुख, चिन्ता के कारण भी कब्ज हो जाता है। इसमें पेट में गैस बनने लगती है। हवा पास नहीं होती, खट्टी डकारें आती हैं तथा जी मिचलाने लगता है। इसके घरेलु उपचार निम्न हैं।* 1. अदरक की चटनी नमक मिलाकर चाटने से गैस पास होने लगती है। अदरक के रस में नींबू और पुदीने का रस मिलाकर पीने से रोग में आराम मिलता है यदि अवश्यक लगें तो एक दो चम्मच शहद भी मिला सकते हैं।  2. सौंठ + कालीमिर्च + पीपल को बराबर मात्...