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कोरानाकाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कर रहे हैं इस्तेमाल तो इन बातों की गांठ बांध लें

 कोरोनाकाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कर रहे हैं इस्तेमाल तो इन बातों की गांठ बांध लें

प्रथ्वी पर जब से इंसानों का अस्तित्व है महामारीयां भी तभी से इंसानों को चुनौती देती आ रही हैं विश्व युद्ध के बाद यदि किसी ने धरती पर जनसंख्या का सबसे अधिक सफाया किया हैं तो वह महामारी ही है । 

चाहें वह सन् 1918 का स्पेनिश फ्लू हो या सन् 1994 का सूरत प्लेग अब यह अलग बात है कि इंसान महामारीयों पर नियंत्रण करने में अधिकांश समय सफल रहा किन्तु कुछ बीमारीयां इंसानी अस्तित्व के लिए इतनी अधिक चुनोतीपूर्ण साबित हुई कि इनसे निपटने के इंसानी प्रयास नाकाफी साबित होने लगे।

कोविड -19 भी इसी प्रकार की एक महामारी है जो अपने स्वरूप में तेजी परिवर्तन लाकर वैक्सीनेशन रुपी इंसानी प्रयासों को नाकाफी साबित करने में लगी है, वुहान से निकलकर अब तक इस बीमारी के वायरस ने नए नए रुप धारण कर लिए हैं जैसे ब्रिटेन स्ट्रेन, दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन, ब्राजील स्ट्रेन आदि ।

महामारीयों को फैलने से रोकने के लिए किए गए कुछ प्रयास सदैव इंसानों के हाथ में रहें हैं किन्तु इंसान ने इन्हें कभी गंभीरता से नहीं लिया ऐसा ही एक प्रयास हम पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल के दौरान कुछ सावधानियां रखकर कर सकते हैं जिससे महामारी का फैलाव नियंत्रित हो तो आईए जानते हैं पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल के दौरान रखी जानें वाली कुछ सावधानियों के बारें में
कोरोनाकाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कर रहे हैं इस्तेमाल तो इन बातों की गांठ बांध लें



1.भूखे पेट यात्रा न करें

जब भी हम भूखे होते हैं हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती हैं और वायरस को तो यही पसंद है यानि वायरस कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को बहुत जल्दी अपना निशाना बनाता हैं। यदि आपका पेट भरा रहेगा तो आपके पास बैठा संक्रमित व्यक्ति भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा ।

यदि यात्रा के दौरान उपवास है तो भी कुछ न कुछ खाकर ही घर से निकले अब सवाल उठता है क्या खाएं तो जिन लोगों को उपवास नहीं है वे भोजन में दाल-चावल,हरी सब्जी,दही छाछ ,कुछ मीठा जिन्हें डायबिटीज है वे ड्रायफ्रूट्स स्मूदी ले सकते हैं । 

जिन लोगों को उपवास है वे फल, दूध राजगिरा, साबुदाना से बने व्यंजन काजू-बादाम किशमिश और मूंगफली लें।


यात्रा यदि लम्बी है तो बीच बीच में कुछ खाते रहे ,बाहर से कुछ खाने का लें रहें हों तो वह स्वास्थ्यवर्धक और सफाई से बना हो इसका ध्यान रखें। पिज्जा,बर्गर,समोसा,कचोरी के बजाय उबले हुए खाद्य पदार्थ जैसे इडली,खमंड-ढोकला आदि को वरीयता दें ।


2.तरल पदार्थ लेते रहे 


पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे ट्रेन,बस,हवाई जहाज में लम्बी यात्रा कर रहे हो तो शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत आवश्यक होता हैं। यदि कोशिकाओं में पानी की कमी हो जाएगी तो डिहाइड्रेशन होगा और यदि कोशिकाएं डिहाइड्रेट हुई तो वायरस कोशिकाओं में प्रविष्ट होकर कोशिकाओं को बीमार बना देगा , लगातार पानी पीने से श्वेत रक्त कोशिकाएं W.B.C. स्वस्थ रहेगी और वायरस से लड़कर शरीर को निरोगी रखेगी ।


यात्रा के दौरान सबसे अच्छा पेय पदार्थ पानी ही है आप लगातार बैठे हैं तो आपको पानी की प्यास नहीं लगेगी लेकिन ध्यान रहे हर आधा या एक घंटे में पानी पीते रहे । प्यास बुझाने के लिए चाय काफी, पेप्सी कोक या टाफी का इस्तेमाल हरगिज नहीं करें। 


यात्रा के दौरान चाय काफी लेकर वेंडर बहुत घूमते हैं लेकिन ध्यान रहे अधिक चाय काफी न लें एक या दो बार पर्याप्त है इसके बजाय आप छाछ या फलों का रस ले सकते हैं।


3.पर्याप्त नींद अवश्य लें


कई लोग दो तीन दिन लम्बे सफर  के दौरान बिल्कुल भी नहीं सोते हैं और घर आकर लम्बा सोते हैं ऐसा हरगिज नहीं करें यात्रा के दौरान जब भी रात को आपके सोने का समय हो अपनी बर्थ पर सो जाएं ऐसा करने से आपके शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक नहीं बिगड़ेगी और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता अच्छी रहेगी। सफर में कोई संक्रमित व्यक्ति आपके आसपास भी हुआ और आप मामूली संक्रमित भी हो गए तो नींद के दौरान आपका शरीर संक्रमण को समाप्त कर देगा । 

कम दूरी के सफ़र के दौरान भी कुछ समय की झपकी शरीर को तरोताजा और ताकतवर बना देती हैं।


4.पब्लिक टायलेट के इस्तेमाल में सावधानी

पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो जाहिर है पब्लिक टायलेट का इस्तेमाल भी करना पड़ेगा और संक्रमण फैलने का खतरा भी इन्हीं जगहों से सबसे ज्यादा होता है अतः पब्लिक टायलेट  इस्तेमाल करने के बाद जिन हिस्सों का स्पर्श पब्लिक टायलेट से हुआ था उन्हें अच्छी तरह से विसंक्रमित Disinfected कर लें।


5.अपनी सीट को साफ अवश्य करें

सफर लम्बा हो या छोटा लोग आज भी सफर के दौरान बेखोफ होकर सीट को बिना साफ किए बैठ रहें हैं यह स्थिति संक्रमण को बढ़ाने के लिए बहुत अधिक जिम्मेदार हैं अतः सफर से पहले अपने सेनेटाइजर से सीट को विसंक्रमित कर ही बैठे ।

6.यात्रा के दौरान अनावश्यक इधर उधर ना घूमें


यात्रा के दौरान कई लोगों की आदत होती हैं कि वे कुछ समय पश्चात ट्रेन में इधर उधर घूमकर अपना टाइम पास करते हैं और अनावश्यक रूप से ट्रेन रुकने वाले स्टेशन पर उतरते हैं । ऐसा हरगिज ना करें ऐसा करना वायरस को साथ बुलाकर अपने साथ ले जाने के समान है। कोई नहीं जानता कि जिस जगह को आप छू रहें हों,जिस प्लेटफार्म की सीट पर आप बैठें हो वहां थोड़ी देर पहले वायरस संक्रमित व्यक्ति बैठा हो अतः अपनी सीट से अनावश्यक न उठें।

7.मास्क इस्तेमाल करने के सही तरीकों को अपनाएं

भारत में मास्क इस्तेमाल मात्र पुलिस की कार्यवाही से बचने के लिए ही किया जाता है। कई लोग कुछ समय पश्चात मास्क में घबराहट महसूस करते हैं , यात्रा के दौरान सीट पर बैठते ही मास्क खिसकाकर ड्योढ़ी पर ले आते हैं, यदि मास्क में घबराहट महसूस हो रही हो तो उसे निकालने के दौरान सामने वाले यात्री से कम से कम तीन फीट दूरी अवश्य रखें। 

यदि आसपास कोई खांसी या छींक रहा है तो कम से कम दस मिनट तक मास्क लगाकर रखें। 

सफर के दौरान मास्क निकालकर सीट पर न रखें और नियमित अंतराल पर मास्क बदलते रहें।

8.इलेक्ट्रानिक भुगतान को वरीयता दें

सफर के दौरान नगद लें देश के बजाय इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली को वरीयता दें ऐसा करने से आप संक्रमण को बढ़ने से रोक पाएंगे और सफ़र को सुरक्षित और रोगमुक्त बना पाएंगे।

9.सफर में कपड़े कैसे पहने

लम्बे सफर के दौरान लोग निक्कर या आधी आस्तिन की टी शर्ट पहनना पसंद करते हैं लेकिन यह आदत अब बदल लेनी चाहिए आधे अधूरे कपड़े वायरस संक्रमण को नहीं रोक पाते, वायरस हाथ पांव की त्वचा पर चिपककर नाक मुंह के रास्ते श्वसन तंत्र में प्रवेश कर जाता हैं । यदि आप शरीर को पूरा ढंककर रखने वाले कपड़े पहनेंगे तो वायरस कपड़े के संपर्क में आकर कुछ समय बाद स्वत: नष्ट हो जाएगा।

10.आवश्यक दवाईयां साथ रखें

अपने चिकित्सक के परामर्श से प्राथमिक चिकित्सा किट बना लें और अपने साथ रखें । इसके अलावा आपकी बीपी ,शुगर आदि की नियमित चलने वाली गोलीयां भी अवश्य साथ रखें।


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