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हैप्पी हाइपोक्सिया क्या होता है। what is happy hypoxia

हैप्पी हाइपोक्सिया क्या होता हैं|what is happy hypoxia in hindi Happy hypoxia kya hota hai हैप्पी हाइपोक्सिया जैसा कि नाम से स्पष्ट है इसमें हेप्पी जैसा कुछ भी नही होता बल्कि हाल ही के कोविड - 19 महामारी के दौरान इसने चिकित्सा विज्ञानियों को बहुत अनहेप्पी किया है ।  हैप्पी हाइपोक्सिया चिकित्सा विज्ञान से संबंधित एक शारीरिक समस्या है जिसमें व्यक्ति का आक्सीजन स्तर अचानक से इतना कम हो जाता है कि आक्सीजन की कमी से व्यक्ति की मौत हो जाती हैं । कोविड 19 के सन्दर्भ में बात करें तो हैप्पी हाइपोक्सिया 30 से 45 वर्ष के युवाओं को बहुत अधिक शिकार बना रहा है चूंकि युवाओं का प्रतिरोधी तंत्र मजबूत होता हैं।  अतः इस कारण बीमारी के लक्षण प्रकट नहीं होते हैं और अन्दर ही अन्दर आक्सीजन का स्तर कम होता रहता है और आक्सीजन की कमी से किडनी,लीवर,ह्रदय, फेफड़े काम करना बंद कर देते है और व्यक्ति की मौत हो जाती हैं। आमतौर पर हैप्पी हाइपोक्सिया के लक्षण कोविड संक्रमण के पांचवें या छठे दिन से प्रकट होते हैं।   हैप्पी हाइपोक्सिया हैप्पी हाइपोक्सिया के लक्षण • सांस तेजी से लेना या अस्थमा की तरह हांफना ...

साइटोकाइन तूफान क्या होता है। what is cytokine storme in hindi

साइटोकाइन तूफान क्या होता है।  What is c ytokine storme in hindi  "साइटोकाइन तूफान या cytokine storme चिकित्सा विज्ञान से संबंधित एक शारीरिक समस्या है जिसमें व्यक्ति का प्रतिरोधी तंत्र (Immune system) शरीर पर हमला करने वाले बाहरी आक्रांताओं (pathogens) जैसे वायरस और बेक्टेरिया के प्रति इतना अधिक सक्रिय हो जाता हैं कि यह शरीर में बहुत अधिक सूजन पैदा कर देता हैं और व्यक्ति का इम्यून सिस्टम pathogens से लड़ने के बजाय स्वयं के शरीर से लड़ने लगता हैं ।" साइटोकाइन तूफान cytokine storme को Cytokine Release Syndrome (C.R.S.) भी कहते हैं । Cytokine storme Cytokine storme के दौरान क्या होता है हमारे इम्यून सिस्टम में अलग - अलग तरह के पदार्थ होते हैं जो कि पेथोजेंस या बाहरी तत्वों से लड़ने में मदद करते हैं,इस इम्यून सिस्टम अनेक इम्यून कोशिकाएं जिन्हें Cytokines कहते हैं एक दूसरे cytokines कोशिकाओं से सम्पर्क स्थापित कर अपने अपने काम करती हैं । अलग-अलग साइटोकाइन के अलग-अलग काम होते हैं जैसे • कुछ साइटोकाइन दूसरे प्रकार की इम्यून कोशिकाओं को भर्ती करते हैं। • कुछ साइटोकाइन शरीर में एंटीबा...

सावधान : कोरोनाकाल में कार में बेठते ही कभी न करें ये काम

सावधान : कोरोनाकाल कार में बेठते ही कभी न करें ये काम भारत में कार रखना एक समय उच्च वर्ग का स्टेटस सिंबल बन गया था, किन्तु आज के कोरोनाकाल के परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो कार दैनिक जरूरत का एक अंग बन गई है क्योंकि कोरोनावायरस के संक्रमण के मद्देनजर हर कोई सार्वजनिक परिवहन के बजाय निजी वाहन को ही वरीयता देने लगा है।  गर्मी और कोरोनाकाल है और कार घर के बाहर या पार्किंग में 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तापमान में  खड़ी खड़ी भट्टी बन जाती हैं, और यदि हमें कहीं जानों हो तो कार में बैठते ही Air-conditioner चालू कर देते हैं , स्वास्थ के दृष्टिकोण से यह बिल्कुल भी उचित नहीं है आईए जानते हैं आखिर ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए • कार के अंदर की अधिकांश संरचना प्लास्टिक से निर्मित होती हैं जब कार के शीशे चढ़े हो और कार 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में घर के बाहर खड़ी होती हैं तो कार के अंदर का तापमान लगभग 50 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता हैं जो किसी भी प्लास्टिक संरचना को वाष्पित करने के लिए पर्याप्त होता है,50 डिग्री सेल्सियस तापमान में कार के अंदर लगे प्लास्टिक से बैंजीन नामक  जहरीली और कैंसर का...

Home Remedies - घमोरियां मिटाने का घरेलू उपचार

घ मोरियां मिटाने की Home Remedies  गर्मियां आते ही कई लोगों को घमोरियां इस तरह परेशान करने लगती हैं कि इनके कारण सामान्य दिनचर्या भी प्रभावित होने लगती हैं। किंतु यदि समय रहते घमोरियों का घरेलू उपचार कर लिया जाए तो ये बहुत आसानी से ठीक हो जाती हैं। आईए जानतें हैं इस लेख में घमोरियां मिटाने के घरेलू नुस्खे या Home Remedies के बारे में घमोरियां घमोरियां होने का कारण घमोरियां गर्म और नम वातावरण के कारण होती हैं गर्मीयों में त्वचा की श्वेद ग्रंथियों से निकला पसीना जब लम्बें समय तक त्वचा पर रहता है तो नमी, और गर्मी के कारण छोटी छोटी फुंसियां बन जाती हैं जिन्हें चिकित्सकीय भाषा में मिलिरिया कहते हैं।    घमोरियां  मिटाने की Home Remedies 1.ऐलोवेरा  एलोवेरा  घमोरियां मिटाने का सबसे बढ़िया प्राकृतिक उपचार है, घमोरियां होने पर समान मात्रा में एलोवेरा जेल और  गुलाब जल लेकर इन्हें मिला लें और नहाने से 30 मिनिट पहले घमोरियों पर लगा लें तत्पश्चात नहा लें, किंतु ध्यान रहे नहाने में ग्लिसरीन साबुन ही उपयोग करें। 2.बर्फ या ठंडा पानी आइस क्यूब या ठंडे पानी को पालिथीन मे...

Immunotherapy- कैंसर उपचार की सबसे नई तकनीक

immunotherapy इम्यूनोथेरेपी क्या है "Immunotherapy" कैंसर के उपचार की नवीनतम जैविक तकनीक है जिसमें मनुष्य के प्रतिरोधक क्षमता को कैंसर कोशिकाओं से लड़ने हेतू कृत्रिम रूप से बढ़ा दिया जाता हैं। ताकि प्रतिरोधक कोशिकाएं (T-cell) कैंसर कोशिकाओं को पहचान कर समाप्त कर सकें। इम्यूनोथेरेपी में प्रयुक्त पदार्थ मनुष्य के शरीर से ही निकाल कर उपचार किया जाता है।" इम्यूनोथेरेपी से न केवल प्रथम स्टेज बल्कि चोथी अवस्था तक के सभी प्रकार के कैंसर का निदान सफलतापूर्वक किया जा रहा है। Immunotherapy द्वारा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढाने के दो तरीके होते हैं 1.रोग प्रतिरोधक कोशिकाओं (T-cell) को शरीर से बाहर निकाल कर लेब में मोडिफाइड किया जाता हैं और कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता हैं। 2.कैंसर रोगी के शरीर में विशेष रूप से तैयार एंटीबॉडी Antibody पंहुचा कर कैंसर कोशिकाओं को समाप्त किया जाता है। कैंसर कोशिकाएं कैंसर इम्यूनोथेरेपी के प्रकार कैंसर इम्यूनोथेरेपी चार प्रकार की होती हैं 1.T-cell ट्रांसफर थेरेपी या एडाप्टिव सेल थेरेपी adoptive cell therapy T-cell ट्रांसफर थेरेपी या एडाप्टिव सेल थे...

निम्न रक्तचाप का घरेलू उपचार। Low BP

निम्न रक्तचाप का घरेलू उपचार  निम्न रक्तचाप का घरेलू उपचार जानने से पहले आईए जानतें है निम्न रक्तचाप क्या होता है  निम्न रक्तचाप क्या होता है  एक सामान्य व्यक्ति का रक्तचाप 120/80 mmhg यानि सिस्टोलिक रक्तचाप 120 mmhg और डायसिस्टोलिक 80 mmhg होता हैं। यह एक आदर्श स्थिति मानी जाती हैं किन्तु जब सिस्टोलिक रक्तचाप 90 mmhg और डायसिस्टोलिक 60  mmhg होता हैं तो इस स्थिति को निम्न रक्तचाप या हाइपोटेंशन  कहते हैं।  निम्न रक्तचाप के क्या लक्षण होते हैं  • चक्कर आना • शरीर में कमजोरी आना • हाथ पांव में कमजोरी महसूस होना • आंखों से कम दिखाई देना • शरीर का तापमान कम होना • सिरदर्द होना • उल्टी होना • प्यास अधिक लगना • त्वचा ढीली पढ़ना • त्वचा में पीलापन • मानसिक अवसाद में रहना • सांस बहुत गहरी और अनियमित चलना • बातचीत करने बहुत बोझिल लगना निम्न रक्तचाप के कारण 1.शरीर में पानी और खनिज लवणों की कमी यदि शरीर में पानी और खनिज लवणों जैसे सोडियम पोटेशियम आदि की कमी हो जाती हैं तो शरीर का रक्तचाप कम हो जाता है। सोडियम पोटेशियम जैसे खनिज तत्व रक्तचाप को सामान्य बनाए रखने म...

कोरानाकाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कर रहे हैं इस्तेमाल तो इन बातों की गांठ बांध लें

  कोरोनाकाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कर रहे हैं इस्तेमाल तो इन बातों की गांठ बांध लें प्रथ्वी पर जब से इंसानों का अस्तित्व है महामारीयां भी तभी से इंसानों को चुनौती देती आ रही हैं विश्व युद्ध के बाद यदि किसी ने धरती पर जनसंख्या का सबसे अधिक सफाया किया हैं तो वह महामारी ही है ।  चाहें वह सन् 1918 का स्पेनिश फ्लू हो या सन् 1994 का सूरत प्लेग अब यह अलग बात है कि इंसान महामारीयों पर नियंत्रण करने में अधिकांश समय सफल रहा किन्तु कुछ बीमारीयां इंसानी अस्तित्व के लिए इतनी अधिक चुनोतीपूर्ण साबित हुई कि इनसे निपटने के इंसानी प्रयास नाकाफी साबित होने लगे। कोविड -19 भी इसी प्रकार की एक महामारी है जो अपने स्वरूप में तेजी परिवर्तन लाकर वैक्सीनेशन रुपी इंसानी प्रयासों को नाकाफी साबित करने में लगी है, वुहान से निकलकर अब तक इस बीमारी के वायरस ने नए नए रुप धारण कर लिए हैं जैसे ब्रिटेन स्ट्रेन, दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन, ब्राजील स्ट्रेन आदि । महामारीयों को फैलने से रोकने के लिए किए गए कुछ प्रयास सदैव इंसानों के हाथ में रहें हैं किन्तु इंसान ने इन्हें कभी गंभीरता से नहीं लिया ऐसा ही एक प्रयास हम पब...