सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

RAINBOW DIET -Fitness फिटनेस का रखना हो ध्यान तो शुरू करें सतरंगी खान पान

Fitness फिटनेस का रखना हो ध्यान तो शुरू करें सतरंगी खान पान


मानव जाति ने सभ्यता के आरंभ से ही रंगों को अपनें जीवन में महत्व देना शुरू कर दिया था । यही कारण हैं कि प्रकृति की संरचना और जलवायु अनुसार यह रंग जीवन और संस्कृति में ऐसे रचे बसे की धर्म भी भी इन रंगों के बिना फीके लगनें लगें । यहाँ तक की रंग ही धर्म की पहचान बन गये ।
fitness and health
 fitness KE liye diet


रंग बिरंगे फूल ,फल, तितलीयाँ मनुष्य के मन को प्रफुल्लित करतें हैं कई बीमारीयों से ग्रसित मनुष्य जब रंग बिरंगी प्रकृति के सानिध्य में जातें हैं तो किसी वैघ ,हकीम या विशेषज्ञ चिकित्सक की आवश्यकता महसूस नही होती हैं । नीलें ,पीलें गुलाबी,केशरिया हरे आदि रंगों से सरोबार यह प्रकृति ही मनुष्य जाति की असली डाँक्टर हैं ।


रंगों का बुद्धिमतापूर्ण उपयोग कर हम हमारें शरीर को स्वस्थ्य ,सुंदर ,कांतिमय बना सकते हैं ।


आईयें जानतें हैं किस प्रकार से रंगों के माध्यम से हम fitness का ध्यान रख सकतें हैं ।

लाल रंग Red colour 


लाल रंग ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक हैं । हमारें खून का रंग भी लाल हैं । लाल रंग की कमी से  शरीर कृषकाय  क्षीण और बुढा हो जाता हैं ।

लाल रंग की सब्जियाँ और फल लाइकोपेन Lycopen ,एँटीआक्सीडेंट antioxidant और फोलिक एसिड़ folic acid से भरपूर मानें जातें हैं । लाल रंग के फल सब्जी जैसें  चुकंदर ,तरबूज,टमाटर,चेरी ,सेब,अनार ,लाल चौलाई आदि में विटामीन B 12 और एन्टीआक्सीडेन्ट पायें जातें हैं।

 लाल रंग में कैंसर को रोकनें वालें तत्व anticancer elements विधमान रहतें हैं । 


लाल फल और सब्जीयों में विधमान फाँलिक एसिड़ रक्त की कमी दूर करनें वाला सर्वप्रमुख और सर्वमान्य तत्व हैं ।


टमाटर में विधमान लाइकोपेन LDL कोलेस्ट्राल या खराब कोलेस्ट्राल को नियंत्रित करता हैं । इसी प्रकार तरबूज में पाया जानें वाला लाइकोपेन मोटापा कम करता हैं ।


चुकंदर और सेब में पाया जानें वाला फोलिक एसिड़ आपरेशन के बाद होनें वाली रक्त की कमी दूर करता हैं ।

लाल मिर्च में मौजद विटामीन सी शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता हैं । 

मिर्च में मौजूद कैप्सिन शरीर के लिए प्राकृतिक दर्दनिवारक का काम करता हैं।

बैंगनी रंग :::

बैंगनी  रंग के फल सब्जी जैसें बैंगन ,खुबानी ,जामुन,बैंगनी अँगूर आदि में एंथोसाइनिन नामक शक्तिशाली एन्टीआक्सीडेन्ट पाया जाता हैं जो रक्त नलिकाओं में रक्त के थक्के नही जमनें देता हैं जिससे ह्रदयघात का खतरा कम हो जाता हैं ।

बैंगनी रंग के फल सब्जीयों में विटामीन D ,E,और K बहुतायत में पाया जाता हैं । विटामीन D जहाँ हड्डीयों का क्षरण रोकता हैं वही विटामीन E शरीर की मेटाबालिज्म को संतुलित करता हैं ।

जामुन और बैंगन  मधुमेह के लियें रामबाण मानें जातें हैं ।

बैंगनी रंग मन को एकाग्र रखता हैं । और शरीर को मज़बूत बनाता हैं ।


केसरीया और पीला रंग  :::

 केसरीया रंग जीवन के उत्पन्न और समाप्त होनें का प्रतीक हैं । सूर्य जब उदय और अस्त होता हैं तो केसरिया रंग की छटा बिखेरता हैं । जिसका तात्पर्य हैं मनुष्य को अपनें सारे कर्म जीवन और मृत्यु को ध्यान में रखकर ही करना चाहियें । इस प्रकार यह रंग मोक्ष का रंग हैं ।

केसरिया और पीला रंग के फलों सब्जीयों जैसें गाजर,संतरा,खरबूजा,पपीता आदि में विटामीन A बहुतायत में पाया जाता हैं ।

विटामीन A हमारी आँखों का विटामीन हैं जिसकी कमी होनें पर night blindness  हो जाती हैं यह विटामीन रेटिना को मज़बूत रखता हैं ।

केसरिया फलों में पाया जानें वाला फायटो रसायन कैंसर की संभावना कम कर देता हैं । हल्दी में पाया जानें वाला करक्यूमिन एंटी कैंसर और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से युक्त होता हैं ‌

गाजर में पाया जानें वाला घुलनशील फायबर रक्त की सफाई करता हैं इसी प्रकार यह भोजन पचानें में भी सहायता करता हैं ।

पपीता उत्तम अमाशय शोधक फल है जिसके सेवन से कब्ज समाप्त होकर आँतों की सम्पूर्ण सफाई हो जाती हैं । पपीता थायराइड़ ,तनाव और किड़नी रोगों की भी उत्तम औषधी हैं ।

पपीता ल्यूटिन और जियाजैन्थिन नामक तत्वों का भी उत्तम स्त्रोंत हैं जो मोतियाबिंद से बचाव करवानें वाला तत्व हैं ।

संतरा ,पके हुये आम ,  कद्दू और खरबूजे में बीटा क्रिप्टोजैन्थियम नामक तत्व पाया जाता हैं जो उत्तम Anti aging तत्व हैं । यह तत्व समय पूर्व नष्ट़ होनें वाली कोशिकाओं को नष्ट़ होनें से रोकता हैं । जिससे बुढ़ापा जल्दी नही आता हैं ।


हरा रंग :::


हरा रंग प्रकृति की सम्पूर्णता का रंग हैं । हरियाली से मन में आनंद की हिलोरें मारनें लगती हैं । हरा रंग उत्सव का रंग हैं। हमारें सारें प्रमुख त्योंहार और उत्सव तभी बनायें जातें हैं जब प्रकृति नें हरियाली की चुनर ओढ रखी हों ।

हरी सब्जीयाँ और फल में वे सभी तत्व प्रचुरता में विधमान रहतें हैं जो सम्पूर्ण शरीर के विकास के लियें आवश्यक होतें हैं।

हरे रंग के फल और सब्जीयाँ शरीर से विजातीय तत्वों को बाहर निकालकर शरीर का शुद्धीकरण करतें हैं ।

पशु पक्षी और मनुष्य हरें रंग के खान पान से निरोगी रह सकतें हैं और लम्बी आयु को प्राप्त कर सकतें हैं ।


सफेद रंग :::


जिस तरह सारी नदियों को समुद्र अपनें अंदर समेट लेता हैं उसी प्रकार सफेद रंग सारें रंगों को अपनें अंदर समेटे हुयें हैं । यह रंग सबको साथ लेकर आगें बढ़नें की प्रेरणा प्रदान करनें वाला रंग हैं । 


सफेद रंग के पदार्थों जैसें लहसुन,फूलगोभी,मशरूम ,अदरख ,मूली आदि में फ्लेवोनाइड़ पर्याप्त मात्रा में मिलतें हैं जो शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर शरीर को बीमारीयों से मुक्त रखनें में सहायक होतें हैं ।

लहसुन  ,अदरक और सफेद प्याज में कैंसररोधी गुण पायें जातें हैं । इसी प्रकार ये रक्तचाप,एलर्जी और कोलेस्ट्राल को नियत्रिंत करतें हैं । 
 

काला रंग :::



काला रंग सुरक्षा का रंग हैं । इस रंग को मातायें अपनें बच्चों को लगाकर बुरी नजर से बचाती हैं । 


काले रंग के फल जैसें करोंदा, ब्लेक बेरी काली हल्दी में पायें जानें वालें कुछ रसायन हमें खतरनाक विकिरणों से सुरक्षा प्रदान करते हैं । 


वायरस virus का काम होगा तमाम जब भोजन की थाली में आ जायें कुछ खास Antioxidant

हमारें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली हमें रोगों से बचानें का काम करती हैं । लेकिन जब रोगप्रतिरोधक प्रणाली कमज़ोर हो जाती हैं तो शरीर भी रोग का घर बन जाता हैं । 

रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ानें में Antioxidant महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं । Antioxidant शरीर को रोगों से लड़नें के लिये तैयार करतें हैं । Antioxidant प्राप्त करनें के अच्छे स्त्रोंत विटामीन A, विटामीन C,और विटामीन E हैं ।


आईयें जानतें हैं इनके बारें में

० वायरस क्या होता हैं


विटामीन A vitaminA


विटामीन A प्राप्त करनें के दो मुख्य स्त्रोंत हैं प्रथम मांसाहारी पदार्थ और द्धितीय शाकाहारी पदार्थ । जो विटामीन A माँस,दूध से प्राप्त होता हैं वह रेटिनाल के नाम से जाना जाता हैं जबकि जो विटामीन A फल,सब्जी से प्राप्त होता हैं उसे बीटा केरोटीन कहतें हैं । यह केरोटीन एवँ रेटिनाल शरीर में जाकर विटामीन A में बदल जाता हैं । विटामीन A हमारें प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूत करनें वाला महत्वपूर्ण विटामीन हैं ।


इस विटामीन के सेवन से वायरस जनित रोग हमारें प्रतिरक्षा तंत्र को भेद नही पातें हैं फलस्वरूप शरीर निरोगी बना रहता हैं ।

विटामीन C

खट्टे फलों जैसें निम्बू, संतरा, आँवला, स्ट्राबेरी में पाया जाता हैं । यह विटामीन  जल में घुलनशील होता हैं । यदि हम अधिक मात्रा में  विटामीन c का सेवन कर लेतें है तो भी हमारें शरीर को कोई नुकसान नही पहुँचता हैं बल्कि अधिक मात्रा में लिया गया विटामीन मूत्र के माध्यम से शरीर के बाहर निकल जाता हैं ।

विटामीन c free redicals से होनें वाली क्षति से शरीर को बचाता हैं । इसी प्रकार विटामीन c वायरस जनित बीमारी होनें पर शरीर में वायरस के फैलाव को नियंत्रित करता हैं । 

विटामीन c के सेवन से कोशिकायें अधिक स्वस्थ्य और लम्बी उम्र वाली होती हैं ।

विटामीन E 


अंकुरित खाद्य पदार्थों से प्राप्त होनें वाला यह विटामीन E श्वेत रक्त कणिकाओं W.B.C.को मज़बूत बनानें का काम करता हैं ताकि वायरस जनित रोगों से लड़नें में श्वेत रक्त कणिकायें w.b.c. अधिक ताकतवर होकर लड़ सकें ।

उपरोक्त तीनों विटामीन Antioxidant के समृद्ध स्त्रोंत हैं जिनकों भोजन में शामिल कर हम आसानी से वायरस जनित रोगों से शरीर की रक्षा कर सकतें हैं ।

विटामिन बी 6 vitamin B 6

विटामिन बी 6 vitamin B 6 वायरस से संक्रमित कोशिकाओं virus se sankramit koshikaon की मरम्मत करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है । यह रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता हैं और T-cell का निर्माण करता हैं । 

विटामिन बी 6 बैचेनी, अनिद्रा, तनाव से भी मुक्ति दिलाता है क्योंकि यह तनाव पैदा करने वाले हार्मोन कार्टिसोल tanav peda Karne wale harmon cartisol का स्त्राव कम करता हैं । कोरोनावायरस प्रभावित व्यक्ति और उसका परिवार सबसे ज्यादा तनाव के दौर से गुजरता है ऐसे में vitamin B6 युक्त खाद्य पदार्थ जैसे केला,सेब,आलू,मटर,हरी सब्जियों का अधिक सेवन करने से व्यक्ति स्वस्थ रहता हैं ।

Mediterranean diet vs heart problem

हाल ही में हुए एक महत्वपूर्ण शोध के अनुसार Mediterranean diet या कम वसा वाला भोजन कम उम्र में मौंत की संभावना कम करता है और घातक ह्रदय रोगों से बचाव करता हैं.

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक शोध रिपोर्ट के अनुसार 40 पूर्व के अध्ययन और 35,548 लोगों को इस अध्ययन में शामिल कर बने नतीजों के अनुसार जिन लोगों को पहले से ह्रदय रोग थे या ह्रदय रोग बढ़ाने वाली दो से अधिक बीमारी जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा , उच्च कोलेस्ट्रॉल थी उन लोगों को Mediterranean diet देने पर ह्रदय रोग की संभावना उन लोगों से कम हो गई जिन्हें सिर्फ अच्छे खानपान पर भाषण दिया गया था.

• कब्ज का उपचार

• प्याज खाने के फायदे

• बहेड़ा के फायदे

• पाइल्स का उपचार

• भोजन करने के नियम

• Narendra Modi fitness secrets

• ग्रीन टी के फायदे

टिप्पणियाँ

Unknown ने कहा…
बहुत ही उपयोगी जानकारी प्राप्त हुआ।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Corona third wave : से बचने के सबसे बेस्ट तरीके

corona third wave की आहट सुनाई देने लगी हैं और इस corona third wave की चपेट में वो लोग अधिक हैं जिन्होंने corona vaccine की दोनों डोज लगवा ली हैं। दोस्तों एक बात समझना बहुत जरूरी हैं कि कोराना अब आपके बीच बहुत लम्बें समय तक रहने वाला हैं यह अब आप पर निर्भर करता हैं कि आप इस वायरस के प्रति अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं या फिर कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता के साथ कोरोना को आप पर हावी करवाना चाहते हैं। यदि कोरोनावायरस को खतरनाक वायरस से सामान्य फ्लू वायरस के रुप में बदलना हैं तो आपको प्राचीन आयुर्वेद जीवनशैली को हर हाल में अपनाना ही पड़ेगा। तो आईए जानतें हैं 8 बेस्ट तरीकों के बारें में 1.सुबह शाम दोड़ना शुरू करें कोरोनावायरस सबसे ज्यादा श्वसन तंत्र पर हमला करता हैं,कोरोना की दूसरी लहर में में अनेक लोग श्वसन तंत्र फैल हो जानें से मरें थे। ऐसा corona third wave  में न हो इसकी तैयारी हमें पहले से ही करना है।  मैंने अपने निजी अनुभव से देखा हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में खिलाड़ीयों को कोरोना के हल्के लक्षण ही प्रकट हुए थे और कोई भी खिलाड़ी गंभीर रूप से श्वसन तंत्र के संक्रमण से प्रभावित ...

Beauty tips: सर्दियों के लिए ये ब्यूटी टिप्स बहुत काम आएंगे

सर्दियाँ शुरू होतें ही बर्फीली हवाएं त्वचा को रूखा करना शुरू कर देती हैं यदि त्वचा का सही देखभाल इस दोरान नही की गई तो त्वचा को काफी नुकसान पंहुच सकता हैं और त्वता कठोर, फटी फटी सी ,काली झाइयुक्त हो जाती हैं जिसें बाद में सामान्य रूप में बदलना बहुत मुश्किल होता हैं । तो आईयें जानतें हैं 4 miracles ways to look Beautiful In Winter In Hindi ब्यूटी टिप्स सर्दियों में त्वचा की देखभाल कैंसे करें  सर्दियों में ब्यूटी टिप्स 1.सर्दियों में चेहरें की त्वचा की देखभाल कैंसें करें  सर्दियाँ शुरू होतें ही सबसे पहलें यदि कोई त्वचा फटती हैं तो वह हे चेहरे की त्वचा  बहुत नाजुक और संवेदनशील होती हैं । इसलिए इसकी देखभाल भी उसी अनुरूप करनी होती हैं ।  सर्दियाँ शुरू होतें ही चेहरें पर भाप लेना शुरू कर दें ऐसा पूरी सर्दी के दोरान तीन चार बार करें इससे चेहरें की त्वचा पर स्थित मृत कोशिकाएँ आसानी से निकल जाएंगी और स्वस्थ कोशिकाएँ भाप से मुलायम हो जाएगी फलस्वरूप सर्द हवाओं के कारण चेहरें की त्वचा रूखी नही रहेगी ।  सर्दियाँ शुरू होतें ही अच्छी कंपनी के माश्चुराजर साबुन या माश्चुराइ...

*पेट के रोग*

*पेट के रोग* *👉🏻(कब्ज) (वायुविकार, अजीर्ण) हमारे द्वारा भोजन ग्रहण करने के बाद उसका पाचन संस्थान द्वारा पाचन होता है। मुँह में ग्रास के चबाने के साथ ही पाचन क्रिया की शुरूआत हो जाती है। उसके बाद ग्रास नली द्वारा आमाशय में पहुँच कर भोजन के पचने की क्रिया आरंभ होती है। अगर इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की रुकावट होती है। तो फिर भोजन सही ढंग से नहीं पचता तथा अपच होती है और फिर कब्ज होती है। सही ढंग से मल का न निकलता ‘कब्ज़' कहलाता है यह रोग अधिक तनाव के कारण भी होता है। देर रात तक जागने, भोजन कम करने या ज्यादा तला भुना या चिकना भोजन करने से या किसी बिमारी के कारण भी हो सकता है। शोक, दुख, चिन्ता के कारण भी कब्ज हो जाता है। इसमें पेट में गैस बनने लगती है। हवा पास नहीं होती, खट्टी डकारें आती हैं तथा जी मिचलाने लगता है। इसके घरेलु उपचार निम्न हैं।* 1. अदरक की चटनी नमक मिलाकर चाटने से गैस पास होने लगती है। अदरक के रस में नींबू और पुदीने का रस मिलाकर पीने से रोग में आराम मिलता है यदि अवश्यक लगें तो एक दो चम्मच शहद भी मिला सकते हैं।  2. सौंठ + कालीमिर्च + पीपल को बराबर मात्...