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How beneficial is magnesium for a healthy body।स्वस्थ्य शरीर के लिए मैग्नीशियम कितना फायदेमंद है

 How beneficial is magnesium for a healthy Body। स्वस्थ्य शरीर के लिए मैग्नीशियम कितना फायदेमंद है

हमारे शरीर को ढेर सारे खनिज तत्वों की जरूरत होती है, जिन्हें अंग्रेजी में मिनरल्स कहते हैं। इनकी कमी होने से शरीर कई बीमारियों और अक्षमताओं से ग्रसित हो जाता है। जैसे आयरन की कमी से एनिमिया और कैल्शियम की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस। 

ऐसा ही खनिज तत्व है मैग्नेशियम, जिसका एक भाग मानव शरीर की प्रत्येक कोशिका में होता है हालांकि यह अतिसूक्ष्म होता है और एक स्वस्थ मानव शरीर में मैग्नेशियम की मात्रा 50 ग्राम से कम ही होती है। 

शरीर में कैल्शियम और विटामिन सी के संचालन के साथ स्नायुओं और मांसपेशियों की बेहतरीन कार्यक्षमता के लिए मैग्नेशियम का योगदान होता है। 

साथ ही शरीर के कई एन्जाइमों को सक्रिय बनाने के लिए मैग्नेशियम महती भूमिका का निर्वाह करता है।

 कैल्शियम और मैग्नेशियम संतुलन में गड़बड़ी आने से नर्वस सिस्टम कमजोर हो जाता है। मैग्नेशियम की कमी होने से हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है। 

यूरोलॉजी जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार मैग्नेशियम और विटामिन बी 6 गुर्दे और पित्ताशय की पथरी के खतरे को कम करने में प्रभावी हैं। 

ज्यादा व्यायाम करने से भी शरीर में मैग्नेशियम की कमी हो जाती है ऐसे में ऐसे व्यक्तियों को शरीर में मैग्नेशियम की आपूर्ति पर ध्यान देना चाहिए।

शरीर के लिए अमृत है मैग्नीशियम

हमारी जीवन शैली की वजह से भारत मे डायबिटीज तेजी से पैर पसार रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक सर्वे के मुताबिक 2025 तक भारत में दुनिया के सबसे अधिक मधुमेह रोगी होंगे, जिनकी संख्या साढ़े पांच करोड़ से भी अधिक होगी।

Fruit


 ऐसे में मैग्नेशियम कई तरह के डाइबटीज के खतरे को कम करने की क्षमता रखता है। हमारे शरीर के एंजाइम मैग्नेशियम के साथ मिलकर ग्लूकोज बनाते है, जिससे डाइबिटिज का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा शोधों के दौरान यह भी पाया गया कि मैग्नेशियम की संतुलित मात्रा वाले शरीरों में इंसुलिन बनने की प्रक्रिया बेहतर रही।


हार्ट के लिए वरदान है मैग्नीशियम


दुनिया में असामयिक मौतों के लिए जिम्मेदार बड़े कारकों में कार्डियो वस्कुलर बीमारी बन रही हैं।

 इस समस्या के पैर पसारने की बड़ी वजह शरीर में मैग्नेशियम की कमी हो जाना भी है। मैग्नेशियम शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को सुनिश्चित करता है। 

ब्लड क्लाट्स बनने से भी रोकता है और तनाव वाले क्षणों में मांसपेशियों का लचीलापन बनाता है। सबसे महत्वपूर्ण काम के तौर पर यह धमनियों में होने वाले ब्लॉकेज की दर को धीमा करता है। 

विशेषज्ञ दिल को स्वस्थ बनाए रखने के लिए ऐसे भोज्य पदार्थों पर ध्यान देने को कहते हैं, जिनमें आहारीय मैग्नेशियम की अच्छी मात्रा होती है।


संतुलित रक्त चाप के लिए मैग्नीशियम के फायदे

जब रक्त शिराएं मैग्नेशियम की कमी की वजह से संकुचित हो जाती है तो दिल को उनमें रक्त संचारित करने के लिए अधिक जोर लगाना पड़ता है।

 जिसके परिणामस्वरूप रक्तचाप बढ़ जाता है। मैग्नेशियम के प्रयोग के दौरान यह पाया गया कि यह रक्त शिराओं को ज्यादा लचीला बनाकर ब्लड प्रेशर कम करने में सहायक है।

 जापान में हाल ही में किए गए एक अध्ययन के दौरान पता चला है कि मैग्नेशियम को अपने आहार का हिस्सा बनाने वाले लोगों में उच्च रक्त चाप की समस्या कम पाई गई। महिलाओं में खासकर दवाइयों की मात्रा कम करने में मैग्नेशियम बहुत मदद करता है।

नियमित हार्ट बीट के लिए अच्छा है मैग्नीशियम

अकेले अमरीका में हर साल साढ़े आठ लाख लोग अनियमित धडकन की शिकायत की वजह से अस्पतालों का रूख करते हैं। ऐसे में इस खनिज तत्व का रिलैक्सिंग इफेक्ट अनियमित धड़कन की समस्या से निजात दिलाने में बहुत सहायक होता है। एक अध्ययन बताता है कि मैग्नेशियम का उपयोग कई मामलों में जीवनदायी साबित हुआ है।


सिरदर्द में फायदेमंद

81 रोगियों पर किए गए एक अध्ययन के दौरान यह बात सामने आई कि मैग्नेशियम की संतुलित मात्रा देने के बाद आने वाले माइग्रेन अटैक की संख्या में भारी कमी आई। मैग्नेशियम के इस गुण ने माइग्रेन और सिरदर्द की समस्या से निजात दिलाने में अहम भूमिका निभानी शुरू कर दी है।

मजबूत मसल्स के लिए मैग्नीशियम

शरीर के हरेक मांसपेशी को मैग्नेशियम की जरूरत होती है। मसल्स क्रैम्पिंग, दर्द, टूटन और मोच जैसी समस्याएं लगातार इस बात की ओर आपका ध्यान दिलाती रहती हैं कि आपके शरीर को कैल्शियम की जरूरत है। 


इस मामले में कोई आपकी उतनी सहायता नहीं कर सकता, जितनी मैग्नीशियम कर सकता है। 

ऐसे लक्षण सामने आते ही आपको अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से तुरंत सम्पर्क करना चाहिए जो लक्षणों की तीव्रता को ध्यान में रखते हुए मैग्नीशियम की मात्रा आपके लिए निर्धारित कर सकते हैं।

हड्डियों को ताकत प्रदान करता हैं 


अभी तक यही समझा जाता रहा है कि ऑस्टियोपोरोसिस कैल्शियम की कमी से होता है और कैल्शियम की आपूर्ति से इस बीमारी से लड़ा जा सकता है 

लेकिन इस बीमारी से लड़ने के लिए मैग्नेशियम भी उतना ही जरूरी है जितना की कैल्शियम । दरअसल मैग्नेशियम उन हार्मोन्स को रेगुलेट करता है जो शरीर में मिनरल मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाकर हड्डियों को मजबूत करने वाली कोशिकाओं का निर्माण करती हैं।

 मैग्नेशियम सुनिश्चित करता है कि आपकी हड्डियों में कैल्शियम लगातार बना रहे और आप हमेशा अच्छे स्वास्थ्य के रथ पर सवार रहें।


क्या खानें से शरीर में मैग्नीशियम की पूर्ति होती हैं


हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज, अखरोट, मूंगफली, बादाम,केले, खुबानी, कद्दू, दही, दूध,काजू, सोयाबीन, चॉकलेट और तुलसी में यह खनिज तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। 

इसके अलावा यह फूड सप्लीमेंट के तौर पर भी बाजार में उपलब्ध है और अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह पर इसे प्रयोग में लाया जा सकता है।

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