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Morning Allergy: ये घरेलू उपचार करके आप सुबह की छींक से छुटकारा पा सकते हैं

Morning Allergy: ये घरेलू उपचार करके आप सुबह की छींक से छुटकारा पा सकते हैं हल्दी आयुर्वेद में हल्दी का धुआं सूंघने की प्रक्रिया हर्बल स्मोकिंग कहलाती है। इसमें एक-दो चम्मच हल्दी पाउडर को गर्म तवे पर रखकर इससे निकलने वाले धुआं को सूंघा जाता है। तवे पर एक चम्मच घी गर्म कर के भी हल्दी पाउडर डाला जा सकता है। काली मिर्च चार पांच काली मिर्च और एक चुटकी हल्दी पाउडर को पेपर लीफ यानी काली मिर्च के पत्ते में अच्छी तरह से लपेट लें और इसे हल्का गर्म करें। ब्रश करने के तुरंत बाद इसे चबाएं। बच्चों को इसे न दें क्योंकि इससे मुंह और छाती में जलन हो सकती है। सेहजन के पत्ते  सेहजन के पत्ते और लहसुन को मिलाकर अच्छी तरह से पेस्ट बना लें। इसे कपड़े या रूमाल पर लगाएं और सूंघे। सेहजन उपलब्ध न होने पर तुलसी पत्ता का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। सौंफ एंटीऑक्सिडेंट्स होने की वजह से सौंफ का सेवन हर्बल टी के तौर पर किया जा सकता है। इससे एलर्जी के प्रति लड़ने की प्रतिरोधकता विकसित होती है। इसी तरह काली मिर्च का भी सेवन करना * लाभकारी होता है। सौंफ पाचनशक्ति को मजबूत बनाती हैं। मेथी के बीज एक कप पानी में मेथी ...

Valantine Day : प्यार क्यों होता हैं जानिए प्यार के पीछे का विज्ञान

Valantine Day : प्यार क्यों होता हैं जानिए प्यार के पीछे का विज्ञान साइंस के पास इस सवाल का जवाब है लेकिन हार्मोन्स की भूमिका के रूप में। हार्मोन्स यानी मस्तिष्क की ग्रंथियों से पैदा हुए ऐसे केमिकल्स जो एक प्रेरणा से पैदा होते हैं और चुपचाप अपना काम कर जाते हैं।  प्रेम के साथ जुड़ी भावनाओं को जगाने और दूसरों तक पहुंचाने में सबसे पहला काम होता है लव हार्मोन का, इसे साइंस की भाषा में ऑक्सीटोसिन भी कहते हैं लेकिन ये अकेला काम नहीं करता।  इसके साथ ही   फीजियोलॉजिकली जो प्रतिक्रिया मिलती है वह प्रेम को स्थापित करती है। प्रेम उपजने का अपना अलग ही साइंस है लेकिन यही एक ऐसी   मनोभावना है जिससे हर काम संभव हो सकता है और इसीलिए इतनी शक्तिशाली हैं। नॉरइपिनेफिन या एडिलिन नाम के हार्मोन से हमें मिलाते हैं- 'हिलते हाथ, धड़कता दिल, खूबसूरत कल्पनाएं।' सीरोटोनिन नाम का फीलगुड हार्मोन हमें अपने साथी के साथ बने रहने की अच्छी भावनाएं पैदा करने में मदद करता है सीरोटोनिन हमारे स्वभाव, नींद, रक्त के प्रवाह और कुछ अच्छा सीखने और करने में अहम भूमिका निभाता है। हेलेन ऑफ ट्रॉय पश्चिमी देशों मे...

Music therapy : हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए जरूरी

Music therapy : हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए जरूरी आजकल संगीत को म्यूजिक थेरेपी की तरह इस्तेमाल किया जा रहा हैं अल्जाइमर, पार्किंसन, डिप्रेशन, , स्ट्रोक आदि र बीमारियों में म्यूजिक थैरेपी काफी मददगार साबित हो रही है। म्यूजिक से ब्लड प्रेशर को काबू करने में भी मदद मिलती है।  काम के बोझ के तले दबे लोग जैसे इंजीनियर, प्रोफेशनल्स, कॉल सेंटर में काम करने वाले लोग इस थैरेपी की मदद ले रहे हैं। खास बात है कि जहां दवाइयां काम नहीं कर पाती हैं, वहां पर संगीत से सेहत बन सकती है।  संगीत आपको शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। संगीत दिनभर के तनाव को तुरंत खत्म कर देता है।  कुछ लोग संगीत की धुन पर फिजिकल एक्सरसाइज करते  हैं। इसे एरोबिक्स  कहा जाता है। यह  शरीर फिट रखने  मे मदद करता है। भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान को कई तनाव हैं। काम के बोझ के तले दबा हुआ इंसान पूरी तरह से थक चुका है। उसके जीवन में कोई उत्साह नहीं है। इंसान का शरीर बीमारियों का घर बन चुका है।  डिप्रेशन, नींद न आने की शिकायत, हाई बीपी आदि कई समस्याओं से इंसान परेशान है। इन सब परेशानियों को दूर...

Benifits of Ajwain।अजवाइन के फायदे

Benifits of Ajwain।अजवाइन के फायदे औषधि के रूप में अजवाइन का प्रयोग प्राचीन समय से हो रहा है। प्रसूता को इसका विशेष रूप से सेवन कराया जाता है क्योंकि इससे गर्भाशय की शुद्धि एवं पीड़ा खत्म होती है। इससे भूख बढ़ती है तथा भोजन का पाचन सम्यक रूप से होता है। अजवाइन के लिए कहा जाता है कि अजवाइन कई प्रकार के अन्न को पचा सकती हैं। पुरानी खांसी में अजवाइन के फायदे सूखी खांसी होने पर अजवाइन 1 ग्राम, मुलेठी 2 ग्राम एवं काली मिर्च 2 ग्राम का काढ़ा बनाकर रात्रि में सोते समय लेवें।  पुरानी खांसी जिसमें पीला एवं दुर्गन्धित कफ निकलता हो, उसमें अजवाइन का अर्क 20 मिली दिन में 3 बार पिलाएं।  बार-बार खांसी का वेग आ रहा हो तो अजवाइन सत्व 125 मिग्रा, घी 2 ग्राम, शहद 4 ग्राम मिलाकर चटाने से कफ बाहर निकलता है एवं खांसी में आराम मिलता है। पेट के कीड़े अजवाइन का चूर्ण आधा ग्राम, काला नमक आधा ग्राम मिलाकर रात को सोते समय गर पानी से बच्चों को देने से पेट के कीड़े बाहर निकल जाते है तथा भूख बढ़ती है। अजवाइन का चूर्ण 3 ग्राम, काला नमक 1 ग्राम मिलाकर सुबह खाली पेट गरम पानी के साथ लेने से पेट के कीड़े निकल जा...

How beneficial is magnesium for a healthy body।स्वस्थ्य शरीर के लिए मैग्नीशियम कितना फायदेमंद है

  How beneficial is magnesium for a healthy Body। स्वस्थ्य शरीर के लिए मैग्नीशियम कितना फायदेमंद है हमारे शरीर को ढेर सारे खनिज तत्वों की जरूरत होती है, जिन्हें अंग्रेजी में मिनरल्स कहते हैं। इनकी कमी होने से शरीर कई बीमारियों और अक्षमताओं से ग्रसित हो जाता है। जैसे आयरन की कमी से एनिमिया और कैल्शियम की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस।  ऐसा ही खनिज तत्व है मैग्नेशियम, जिसका एक भाग मानव शरीर की प्रत्येक कोशिका में होता है हालांकि यह अतिसूक्ष्म होता है और एक स्वस्थ मानव शरीर में मैग्नेशियम की मात्रा 50 ग्राम से कम ही होती है।  शरीर में कैल्शियम और विटामिन सी के संचालन के साथ स्नायुओं और मांसपेशियों की बेहतरीन कार्यक्षमता के लिए मैग्नेशियम का योगदान होता है।  साथ ही शरीर के कई एन्जाइमों को सक्रिय बनाने के लिए मैग्नेशियम महती भूमिका का निर्वाह करता है।  कैल्शियम और मैग्नेशियम संतुलन में गड़बड़ी आने से नर्वस सिस्टम कमजोर हो जाता है। मैग्नेशियम की कमी होने से हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है।  यूरोलॉजी जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार मैग्नेशियम और विटामि...

New research : शीशम की पत्तियों से टूटी हड्डी जुडेगी

इमारती लकड़ी के लिए मशहूर शीशम में कई औषधीय गुण भी हैं। केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई) लखनऊ के वैज्ञानिकों ने शीशम की पत्तियों में हड्डियों को मजबूती देने वाले तत्त्व की पहचान की है।  यह तत्त्व टूटी हड्डियों को तेजी से जोड़ने के साथ कई महिलाओं में मेनोपॉज के बाद से होने वाली ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी को रोकने में भी कारगर है। यह शोध विज्ञान जर्नल सेल, डेथ एंड डिजीज में प्रकाशित हो चुका है। मुजरात की एक दवा कंपनी इस पर दवा भी बना रही है।  रिसर्ची टीम की हैड और सीडीआरआई के एंडोक्राइन विभाग सीनियर साइंटिस्ट डॉ. रितु त्रिवेदी ने बताया, शीशम की पत्तियों में 'कैवीयूनिन' नामक मॉलिक्यूल का पता पहली बार किया गया है। यह मॉलिक्यूल ही हड्डियों को मजबूती प्रदान करता हैं। अभी टूटी हड्डियों को जुड़ने में लगभग छह सप्ताह का समय लगता हैं ‌ सप्ताह का समय लगता है।  लेकिन - इस मॉलिक्यूल से बनी दवा से हड्डियों को जुड़ने में कम समय 1 लगता है। क्लीनिकल ट्रायल्स में पाया गया कि प्लास्टर के साथ साथ कैवीयूनिन से बनी दवा देने पर टूटी हड्डियां कम समय में जुड़ 15 जाती हैं। इस दवा का कोई दुष्प्र...

Crying is also beneficial for good health। अच्छी सेहत के लिए रोना भी फायदेमंद होता हैं।

  Crying is also beneficial for good health। अच्छी सेहत के लिए रोना भी है फायदेमंद होता हैं जिस प्रकार हंसना सेहत के लिए फायदेमंद है उसी तरह रोना भी कम फायदेमंद नहीं। हाल ही येल • यूनिवर्सिटी द्वारा किए एक शोध में पाया गया कि रोना सेहत के लिए लाभदायक होता है।  शोध के अनुसार अगर कष्टप्रद स्थिति में भी आंख से आंसू नहीं आते हैं तो तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए क्योंकि यह एक असामान्य स्थिति है।  यह भी ध्यान रखें कि रोना कमजोरी की निशानी नहीं है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों से बचने का उपाय है। अध्ययन में पाया गया है कि रोने के बाद त्वचा की संवेदनशीलता बढ़ जाती है और रोने वाले की सांसें गुहरी चलने लगती है। यह दोनों बातें सेहत की दृष्टि से अच्छी मानी जाती है। क्यों आते हैं आंसू चिकित्सा विज्ञान के अनुसार हमारी आईबाल (नेत्र गोलक) और पलकों के बीच लेक्रिमल ग्लेंड (अश्रु ग्रन्थि) हैं, जहां से आंसू निकलते हैं।  जब हम पलकें झपकाते हैं तो फ्ल्यूड हमारी आंखों पर फैल जाता है और फिर अश्रु ग्रंथि से निकलने लगता है। जब आंसू ओवरफ्लो होते हैं तो गालों से लुढ़कने लगते हैं और नाक भी...